Cyclone Nisarga: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता से की अपील, कहा- लोग दो दिन घरों के अंदर रहें
सीएम उद्धव ठाकरे (Photo Credits ANI)

चक्रवाती तूफान निसर्ग (Cyclone Nisarga) महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है. भारतीय मौसम विभाग ने (IMD) ने चेतावनी दी है कि 3 जून की शाम को चक्रवाती तूफान राज्य के तटों पर दस्तक दे सकता है. निसर्ग तूफान को लेकर गुजरात और महाराष्ट्र (Maharashtra) दोनों ही राज्यों की सरकारें अलर्ट पर हैं. गुजरात और महाराष्ट्र में खतरे से निपटने के लिए कुल NDRF 34 टीमों को तैनात किया गया है. जिसमें 16 गुजरात में, 15 महाराष्ट्र में, दो दमन एवं दीव, और एक दादरा एवं नगर हवेली में तैनात की गई हैं. वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी प्रकार के अफवाह पर भरोसा न करें. सभी अपने घरों में दो दिनों तक सुरक्षित रहें.

सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि लोग घबराएं नहीं बल्कि टीवी पर रेडियो पर राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए निर्देश और जानकारी को सुने. इसके साथ ही फोन और मोबाइल चार्ज करने की सलाह भी दी है. क्योंकि बिजली कट सकती है. तूफ़ान के कारण मुंबई में CrPC की धारा 144 के तहत समुद्र से लगते समुद्री तटों, सैरगाह, पार्क जैसे सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी व्यक्ति की उपस्थिति या आवाजाही की अनुमति नहीं होगी. आदेश आज आधी रात से लेकर कल दोपहर 12 बजे तक लागू रहेगा. बता दें कि आईएमडी ने कहा कि चक्रवाती तूफान बुधवार को रायगढ़ जिले में हरिहरेश्वर और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और गुजरात तटों को पार करेगा. यह भी पढ़ें:- Cyclone Nisarga: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात निसर्ग को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात के CM से की बात, बोले- हर संभव मदद करेगी केंद्र सरकार.

ANI का ट्वीट:- 

निसर्ग तूफान के कारण इंडियन नेवी भी अर्ल्ट पर है. पश्चिमी नौसेना कमान ने बाढ़, राहत और बचाव और गोताखोर सहायता के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाए हैं, जो पश्चिमी समुद्र तट पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश और बाढ़ की स्थिति में संबंधित राज्य सरकारों के साथ समन्वय के लिए तैयार है. भारतीय नौसना ने कहा कि अरब सागर में चक्रवाती तूफ़ान निसर्ग के चलते सभी टीमों को तूफान की अवधि के दौरान मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) की किसी भी आवश्यकता के लिए अलर्ट पर रखा गया है.