COVID-19: हवा में फैले हैं ओमिक्रॉन के 300 से अधिक सबवेरिएंट, कोरोना के इन नए लक्षणों को जानना है जरूरी
कोविड खत्म नहीं हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि ओमिक्रॉन के 300 से अधिक सब-वेरिएंट्स घूम रहे हैं और उन सभी में समान लक्षण हैं. इनमें से 95 प्रतिशत BA.5 सबलाइनेज हैं और 20 प्रतिशत BQ.1 सबलाइनेज हैं.
कोविड खत्म नहीं हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि ओमिक्रॉन के 300 से अधिक सब-वेरिएंट्स घूम रहे हैं और उन सभी में समान लक्षण हैं. इनमें से 95 प्रतिशत BA.5 सबलाइनेज हैं और 20 प्रतिशत BQ.1 सबलाइनेज हैं. डब्ल्यूएचओ की COVID तकनीकी प्रमुख Maria Van Kerkhove ने कहा, 'Omicron में अभी बहुत विविधता है. ओमिक्रॉन के 300 से अधिक सबवेरिएंट अभी मौजूद हैं. इनमें से 95 प्रतिशत बीए.5 सबलाइनेज हैं, जिनमें से 20 फीसदी BQ.1 सबलाइनेज हैं. कैसे COVID-19 फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है: वायरस माइटोकॉन्ड्रिया पर हमला करता है.
WHO ने कहा, "हमें बेहतर निगरानी, सीक्वेंसिंग और डाटा साझा करने की जरुरत है ताकि नियमित रूप से तेजी से और मजबूत विश्लेषण किया जा सके. "
नए COVID वेरिएंट्स के लक्षण
विशेषज्ञों ने कहा कि वायरस के स्ट्रेन के कारण होने वाले लक्षण हल्के होते हैं. मुलुंड के फोर्टिस अस्पताल में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ अनीता मैथ्यू ने कहा कि नए रोगियों में से कई बिना लक्षण वाले हैं. कई मरीज किसी अन्य बीमारी के चलते अस्पताल आ रहे हैं और यहां उन्हें कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिल रही है.
डॉ मैथ्यू ने कहा, ‘गंध और स्वाद न आने जैसे लक्षण, जो पहले के संक्रमणों में प्रमुखता से देखे गए थे, कई रोगियों में अब नहीं देखे जा रहे हैं. कई मरीजों में सिर्फ खांसी और सर्दी के लक्षण दिख रहे हैं. यही वजह है कि बहुत अधिक टेस्टिंग या सेल्फ आइसोलेशन नहीं हो रहा है.’
- गले में खराश
- बहती नाक
- बुखार
- सिरदर्द
- थकान
- खांसी
- ब्रोंकाइटिस
इससे पहले, भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) ने एक बयान में कहा था कि वह XBB और XBB.1 और किसी भी नए सब वेरिएंट पर कड़ी नजर रख रहा है. दुनिया के कई देशों में इन दोनों वेरिएंट से संक्रमण बढ़ने लगा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2022 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

