बंगाल:- सीएम आवास पर सुरक्षा में सेंध को लेकर विवेक सहाय पुलिस निदेशक पद से हटाए गए
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षा में सेंध लगने के एक हफ्ते के भीतर ही राज्य के पुलिस निदेशक (सुरक्षा) विवेक सहाय को पद से हटाकर अपेक्षाकृत महत्वहीन पद पर भेज दिया गया है.
कोलकाता, 7 जुलाई : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के आवास पर सुरक्षा में सेंध लगने के एक हफ्ते के भीतर ही राज्य के पुलिस निदेशक (सुरक्षा) विवेक सहाय को पद से हटाकर अपेक्षाकृत महत्वहीन पद पर भेज दिया गया है. मुख्यमंत्री की सुरक्षा अब दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में होगी, जो पहले एक अधिकारी विवेक सहाय की देखरेख में थे. नई व्यवस्था के तहत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पीयूष पांडे नए निदेशक (सुरक्षा) बने हैं और उन्हें मनोज वर्मा द्वारा अतिरिक्त निदेशक (सुरक्षा) के रूप में रखा जाएगा, जो वर्तमान में बैरकपुर शहर के पुलिस आयुक्त हैं. वर्मा को महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था.
देश के प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने वाले विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के एक अधिकारी के रूप में उनके लंबे कार्यकाल को देखते हुए निदेशक (सुरक्षा) के पद के लिए पांडे की पसंद को सभी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तरों पर भारी रूप से स्वीकार किया गया था. राज्य पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "पांडे की देखरेख में मुख्यमंत्री की सुरक्षा निश्चित रूप से फलदायी होगी, क्योंकि वह एसपीजी के साथ अपने अनुभव का उपयोग करेंगे और मुख्यमंत्री के चारों ओर इसी तरह की सुरक्षा घेरा स्थापित करेंगे." यह भी पढ़ें : तमिलनाडु पुलिस को 22 जुलाई को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति रंग’ से किया जाएगा सम्मानित
इस बीच, सहाय को महानिदेशक (प्रावधान) बनाया गया है. याद करने के लिए यह दूसरी बार है जब सहाय ने निदेशक (सुरक्षा) के रूप में अपनी कुर्सी खो दी है. पिछले साल राज्य विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वी मिदनापुर के नंदीग्राम में अपने अभियान के दौरान मुख्यमंत्री के साथ दुर्घटना के बाद उन्हें पिछले साल भारत के चुनाव आयोग द्वारा निलंबित कर दिया गया था. हालांकि, ममता बनर्जी के लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद सहाय को बहाल कर दिया गया था.
हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर सुरक्षा में सेंध लगने के बाद राज्य के मुख्य सचिव एच.के. द्विवेदी ने आपात बैठक बुलाई. उस बैठक में सहाय को सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव के गुस्से का भी सामना करना पड़ा और तब से यह भी स्पष्ट हो गया कि निदेशक (सुरक्षा) के रूप में उनके दिन गिने-चुने हैं. मुख्य सचिव की बैठक के बाद राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें अधिकांश मंत्रियों ने चिंता व्यक्त की और सहाय को बदलने की मांग की. आखिारकार राज्य सरकार ने सर्कुलर जारी कर इस बदलाव को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 07, 2022 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

