IPO Update: लीला होटल्स का 3500 करोड़ का आईपीओ, जानें- प्राइस बैंड और अन्य जानकारियां
Leela Hotels, Operated By Schloss Bangalore, Is Launching Its ₹3,500 Crore IPO On May 26 2025

भारत की लग्जरी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री (Luxury Hospitality Industry) में बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि प्रतिष्ठित होटल ब्रांड ‘द लीला’ (The Leela) का संचालन करने वाली कंपनी श्लॉस बैंगलोर (Schloss Bangalore) अब भारतीय शेयर बाजार में अपनी शुरुआत करने जा रही है. कंपनी 26 मई 2025 को अपना 3,500 करोड़ रुपये का आईपीओ (IPO) लॉन्च करेगी, जो 28 मई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. इस आईपीओ की लिस्टिंग 2 जून 2025 को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर होने की उम्मीद है.

आईपीओ की प्रमुख बातें

लीला होटल्स का आगामी आईपीओ निवेशकों के बीच खासा चर्चा का विषय बना हुआ है. इस आईपीओ में कुल 3,500 करोड़ रुपये का इश्यू शामिल है, जिसमें से 2,500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,000 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है. कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्रति शेयर प्राइस बैंड 413 रुपये से 435 रुपये तय किया है. इस आईपीओ में निवेश करने के लिए न्यूनतम लॉट साइज 34 शेयरों का है, यानी निवेशकों को कम से कम 14,790 रुपये का निवेश करना होगा.

इस आईपीओ का प्रबंधन देश की प्रमुख वित्तीय सलाहकार कंपनियों द्वारा किया जा रहा है, जिनमें जेएम फाइनेंशियल (JM Financial), कोटक महिंद्रा कैपिटल (Kotak Mahindra Capita), एक्सिस कैपिटल (Axis Capital), मॉर्गन स्टैनली (Morgan Stanley) और एसबीआई कैपिटल (SBI Capital) जैसे बड़े नाम शामिल हैं. वहीं, इस इश्यू के लिए केफिन टेक्नोलॉजीज (Kfin Technologies) को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो आवेदन प्रक्रिया और शेयरों के अलॉटमेंट को संभालेगा.

आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग

इस आईपीओ से जो राशि जुटाई जाएगी, उसमें से 2,300 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा लिए गए कर्ज को चुकाने या पहले से चुकाए जाने वाले कर्जों के भुगतान में किया जाएगा. बाकी बची हुई राशि का उपयोग कंपनी अपने सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए करेगी, जैसे कि संचालन से जुड़ी जरूरतें या भविष्य की योजनाएं. हालांकि, यह खर्च कुल प्राप्त राशि का 25% से अधिक नहीं होगा. इस रणनीति से कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और कर्ज का बोझ कम करने की दिशा में कदम उठा रही है.

वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार

हालांकि कंपनी ने मई 2024 तक 36 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इसके वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है. वित्त वर्ष 2021-22 (FY22) में कंपनी को जहां 319 करोड़ रुपये का बड़ा नुकसान हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में यह घाटा घटकर केवल 2.1 करोड़ रुपये रह गया था. यही नहीं, कंपनी का कुल राजस्व (Revenue) भी इसी अवधि में 415 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,226 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि कोविड-19 महामारी के बाद कंपनी ने अपने बिजनेस में मजबूत वापसी की है.

कंपनी का परिचय

श्लॉस बैंगलोर, जो द लीला ब्रांड को संचालित करती है. इसकी स्थापना वर्ष 2019 में हुई थी, और आज यह भारत की सबसे बड़ी लग्जरी होटल कंपनियों में से एक बन चुकी है. मई 2024 तक, कंपनी के पास ‘द लीला पैलेसेस, होटल्स और रिसॉर्ट्स’ ब्रांड के अंतर्गत कुल 12 लग्जरी प्रॉपर्टीज हैं, जिनमें 3,382 कमरे (keys) शामिल हैं. इनमें से बेंगलुरु, चेन्नई, नई दिल्ली, जयपुर और उदयपुर की पाँच प्रतिष्ठित होटल प्रॉपर्टीज कंपनी की खुद की स्वामित्व वाली हैं, जो इसके ब्रांड वैल्यू और बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाती हैं.

श्लॉस बैंगलोर को विश्व प्रसिद्ध निवेशक समूह ब्रुकफील्ड (Brookfield) द्वारा प्रबंधित फंड्स का समर्थन प्राप्त है, और अब इसका आईपीओ भारत की लग्जरी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है. बाजार विशेषज्ञों की मानें तो यह आईपीओ न केवल बड़े संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करेगा, बल्कि खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए भी एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है. कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान, तेजी से सुधरता, वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड और भारत में बढ़ती लग्जरी यात्रा की मांग इसे निवेश के लिए एक आकर्षक विकल्प बनाते हैं.