Lata Mangeshkar Birth Anniversary 2022: वह पहला प्यार! पहला तिरस्कार! कुछ ऐसे ही अनछुए पहलू लता मंगेशकर के जीवन के!
स्वर्गीय लता मंगेशकर को आज भले ही संगीत का ब्रांड कहा जाता हो, मगर 1947 की उस घड़ी को कैसे भुलाया जा सकता है, जब संगीतकार गुलाम हैदर लताजी से एक गाना रिकॉर्ड करवाने सुबोध मुखर्जी के पास ले गये थे. लता जी की आवाज सुनने के बाद उन्हें खारिज करते हुए कहा था, कि लता की आवाज हमारी हीरोइन के योग्य नहीं है.