Infiltration Free India: 'घुसपैठ मुक्त भारत' मोदी सरकार का संकल्प, चुनावी वादा नहीं: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Photo Credits: IANS)

अररिया: केंद्रीय गृह मंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को कहा कि हम एक-एक घुसपैठिए (Intruders) को भारत की भूमि से चुन-चुन कर बाहर कर देंगे. उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी वादा नहीं है, यह केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) का संकल्प है. अब यह सिर्फ वादा नहीं है, हम जल्द ही ऐसा करने जा रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार (Bihar) के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट 'लेटी' व 'इंदरवा' के उद्घाटन और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण, ई-शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया. यह भी पढ़ें: बीजेपी का मिशन बंगाल: 1 मार्च को अमित शाह दिखाएंगे ‘परिवर्तन यात्रा’ को हरी झंडी, चुनावी शंखनाद की तैयारी

उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर बॉर्डर रोड को भी स्वीकृत किया गया है.  इसमें 18 खंडों में से 14 खंडों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है. चार खंडों में भी कार्य तेज गति से किया जा रहा है. वह भी जल्द पूरा हो जाएगा. इसके पूर्ण हो जाने से जहां निगरानी की क्षमता बढ़ेगी, वहीं नागरिकों की सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी। विकास के कार्यक्रम अंतिम सीमा तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.

उन्होंने एसएसबी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये सीमा की सुरक्षा का जिम्मा उठा रहे हैं. यह सही है कि हम एक मित्र देश के साथ लगी सीमा की सुरक्षा कर रहे हैं, उस देश के साथ जिसके हमारे देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं.

उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि यह भी जरूरी है कि हमारे देश के दुश्मन और देश को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व उस रास्ते का उपयोग कर देश में प्रवेश न करें, इसलिए सशस्त्र सीमा बल को अपनी नजर भी पैनी रखनी पड़ेगी और अपने सूचना के स्रोतों को भी बहुत मजबूत रखना आवश्यक है. इसके लिए जरूरी है कि सीमांत गांवों के अंदर जवानों और अधिकारियों के साथ संवाद और संपर्क भी अच्छे स्तर पर हों. तभी हमें गांवों से सही सूचना मिल सकती है. यह भी पढ़ें: Amit Shah To Launch Bharat Taxi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहकारिता क्षेत्र की पहली टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' का करेंगे शुभारंभ, यात्रियों की बढ़ेगी सुविधा

अमित शाह ने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के अंदर जितने अवैध अतिक्रमण हैं, उन सभी अतिक्रमणों को इस अभियान के अंतर्गत ध्वस्त किया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने का कार्य भी शुरू किया जाएगा. जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बंगाल, झारखंड और बिहार हैं. बंगाल में अभी चुनाव है और मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार वहां भाजपा की सरकार बनने वाली है. वहां सरकार का पहला एजेंडा सीमा पर बाड़ का काम समाप्त करना और एक-एक घुसपैठिए को बाहर करना होगा.

उन्होंने कहा कि आमतौर पर नेताओं के वादे जनता को याद कराने पड़ते हैं, लेकिन आज मैं सीमांचल की जनता को अपना वादा याद दिलाना चाहता हूं, क्योंकि मुझे सीमांचल की जनता का सहयोग चाहिए. घुसपैठिए सिर्फ चुनाव को प्रभावित नहीं करते हैं, वे गरीबों के राशन में भी हिस्सेदारी ले जाते हैं, रोजगार में युवाओं की संभावनाओं को क्षीण करते हैं, और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ी चुनौती हैं. यह अभियान जल्द सीमांचल में शुरू होगा.