भारत में दशकों से प्रचलित 'कल्याण सट्टा मटका' आज के डिजिटल दौर में एक नए और खतरनाक रूप में सामने आया है. कभी मुंबई के गलियारों से शुरू हुआ यह खेल अब मोबाइल ऐप्स और टेलीग्राम चैनलों के जरिए अवैध रूप से संचालित हो रहा है. फरवरी 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, भारत सरकार ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ 'प्रोगा 2025' (PROGA) जैसे सख्त कानून लागू कर दिए हैं, जिससे ऐसे खेलों में भाग लेना अब न केवल आर्थिक रूप से बल्कि कानूनी रूप से भी बेहद जोखिम भरा हो गया है.
कल्याण मटका का इतिहास: कॉटन रेट से नंबरों के खेल तक
सट्टा मटका की शुरुआत 1960 के दशक में हुई थी, जब कल्याणजी भगत ने न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से आने वाले कपास के दामों पर सट्टा लगाना शुरू किया था. बाद में इसे 'मटका' नाम मिला क्योंकि पर्चियां एक मिट्टी के घड़े (मटके) से निकाली जाती थीं. रतन खत्री के आगमन के बाद इस खेल ने एक संगठित रूप लिया, लेकिन 1990 के दशक में पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण यह खेल लगभग खत्म हो गया था. हालांकि, इंटरनेट ने इसे एक बार फिर 'ऑनलाइन मटका' के रूप में जीवित कर दिया है.
PROGA 2025 और 2026 के नए नियम
भारत सरकार ने 'ऑनलाइन गेमिंग विनियमन अधिनियम 2025' (PROGA) के तहत सभी प्रकार के 'रियल मनी गेमिंग' पर कड़ा रुख अपनाया है. जनवरी 2026 से लागू हुए नए नियमों के अनुसार:
सट्टा मटका जैसी गतिविधियों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.
इन खेलों का विज्ञापन करना या इनका संचालन करना अब संज्ञेय अपराध है.
बैंकों और पेमेंट गेटवे को निर्देश दिए गए हैं कि वे सट्टेबाजी से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन को तुरंत ब्लॉक करें.
वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध का खतरा
वर्तमान में इंटरनेट पर 'कल्याण मटका रिजल्ट' या 'फिक्स नंबर' देने वाली सैकड़ों फर्जी वेबसाइटें सक्रिय हैं. साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ये साइटें अक्सर यूजर्स के बैंकिंग डेटा की चोरी करती हैं. कई मामलों में देखा गया है कि लोग पैसे तो जमा कर देते हैं, लेकिन जीतने पर उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाता. चूंकि यह खेल अवैध है, इसलिए खिलाड़ी पुलिस में शिकायत करने से भी डरते हैं, जिसका फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं.
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
फरवरी 2026 में देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पुलिस ने कई अवैध ऑनलाइन सट्टा गिरोहों का पर्दाफाश किया है. अब पुलिस केवल फिजिकल ठिकानों पर ही नहीं, बल्कि 'ऑफशोर' यानी विदेशों से चलने वाली वेबसाइटों पर भी तकनीकी नजर रख रही है. गूगल ने भी भारत के नए कानूनों का पालन करते हुए अपनी सेवाओं से सट्टेबाजी से संबंधित सभी विज्ञापनों को हटा दिया है.
सावधानी और समझदारी
सट्टा मटका के लालच में फंसकर कई परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह 'किस्मत' का खेल नहीं बल्कि 'गणितीय जाल' है, जिसमें हारने की संभावना 99 प्रतिशत होती है. सुरक्षित निवेश के लिए कानूनी रूप से मान्य विकल्पों जैसे शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड का चुनाव करना ही श्रेयस्कर है.













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