Nationwide Chemist Strike: देशव्यापी हड़ताल के चलते मुंबई में आज दवा की दुकानें बंद? स्ट्राइक के चलते पूरे भारत में मरीज मेडिसिन को लेकर परेशान; VIDEOS
Mumbai Chemist Strike

Nationwide Chemist Strike: ऑनलाइन ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और भारी छूट के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने बुधवार को देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल का आह्वान किया है. इस हड़ताल के कारण सुबह मुंबई के कई इलाकों में मरीजों और उनके परिजनों के बीच असमंजस की स्थिति देखी गई. हालांकि, मुंबई और महाराष्ट्र के कई स्थानीय रिटेलर्स एसोसिएशनों द्वारा जनहित में बंद से दूरी बनाने के कारण महानगर में दवाइयों की दुकानें पूरी तरह बंद नहीं हैं. अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर, प्रमुख फार्मेसी चेन और जन औषधि केंद्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बंद के वीडियो वायरल

महानगर के कुछ चुनिंदा उपनगरों और थोक दवा बाजारों में स्वतंत्र रिटेल केमिस्टों की दुकानें बंद रहने की खबरें हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर भी मुंबई और आसपास के इलाकों से कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें स्थानीय बाजारों की दवा दुकानें बंद दिखाई दे रही हैं.  यह भी पढ़े: Pharmacy Strike Today: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर दवाओं की बिक्री के विरोध में AIOCD का आज देशव्यापी हड़ताल का आह्वान, मेडिसिन की हो सकती है किल्लत

 दवा की दुकानों का हड़ताल

इन वीडियो को लेकर नेटिजंस लगातार अपडेट्स साझा कर रहे हैं. हालांकि, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सुचारू हैं और मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है.

केमिस्ट हड़ताल

क्यों बुलाई गई है देशव्यापी केमिस्ट हड़ताल?

पारंपरिक दवा विक्रेताओं के शीर्ष संगठन AIOCD का आरोप है कि ई-फार्मेसी कंपनियां बिना किसी कड़े कानूनी ढांचे के काम कर रही हैं, जिससे पड़ोस की छोटी दवा दुकानों के अस्तित्व पर संकट आ गया है.

  • अधिसूचनाओं का विरोध: केमिस्ट संगठन सरकार की दो पुरानी अधिसूचनाओं, GSR 220(E) और GSR 817(E) को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान घर पर दवा पहुंचाने के लिए दी गई ढील का अब ऑनलाइन कंपनियां गलत फायदा उठा रही हैं.

  • फर्जी प्रेस्क्रिप्शन का खतरा: संगठन का दावा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनित या पुरानी पर्चियों के आधार पर धड़ल्ले से एंटीबायोटिक्स और आदत लगाने वाली दवाएं बेची जा रही हैं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं.

  • असंतुलित बाजार: ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत पारंपरिक केमिस्टों का लाभांश तय होता है, जबकि बड़ी कॉर्पोरेट ई-फार्मेसियां 20 से 50 प्रतिशत तक की भारी छूट देकर बाजार को प्रभावित कर रही हैं.

मुंबई में हड़ताल का मिलाजुला असर

AIOCD द्वारा देश भर के लगभग 12.4 लाख केमिस्टों के इस बंद में शामिल होने का दावा किया गया था. इसके बावजूद मुंबई समेत पूरे देश में इसका मिलाजुला असर ही देखने को मिल रहा है. दरअसल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्माटक, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल सहित करीब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्थानीय खुदरा दवा विक्रेता संघों ने मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए खुद को इस हड़ताल से अलग कर लिया है.

दवा नियामकों के साथ हुई हालिया बैठक में मिले सकारात्मक आश्वासनों के बाद इन स्थानीय संघों ने लिखित आश्वासन दिया था कि वे दवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आने देंगे. नतीजतन, मुंबई के अधिकांश हिस्सों में लाइफ-सेविंग (जीवन रक्षक) दवाओं की उपलब्धता बनी हुई है.

आपातकालीन सेवाएं जारी

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और स्थानीय स्वास्थ्य विभागों ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. सरकारी और निजी अस्पतालों के भीतर स्थित चौबीसों घंटे चलने वाले मेडिकल स्टोर्स, एएमआरआईटी (AMRIT) फार्मेसी आउटलेट्स और आवश्यक एम्बुलेंस सेवाओं से जुड़ी कड़ियों को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को भटकना न पड़े.