देश की खबरें | बारिश के कारण पीलीभीत में बाढ़ का कहर; सेना ने संभाला मोर्चा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीलीभीत जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने भारी तबाही मचायी है। जिले में शारदा और देवहा नदियों के उफान के कारण कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ की भयावह स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी।
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश), 20 अक्टूबर पीलीभीत जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने भारी तबाही मचायी है। जिले में शारदा और देवहा नदियों के उफान के कारण कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ की भयावह स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन को सेना की मदद लेनी पड़ी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के क्षेत्रीय सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा किसानों को देने की मांग की है।
पीलीभीत के जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बुधवार को बताया कि पिछले दो दिन में हुई बेमौसम बारिश के कारण शारदा और देवहा नदियों ने रौद्र रूप ले लिया है और इनके किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है और उसने अब तक बाढ़ में जगह-जगह फंसे 26 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिले के शारदा पुनहाना, गुनहा, गोरख डिब्बी और पलिया में करीब 500 ग्रामीणों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना है।
खरे ने बताया कि मंगलवार को पीलीभीत पीएसी फ्लड यूनिट के जवानों ने इन ग्रामीणों को नाव की मदद से सुरक्षित निकालने के प्रयास किया था मगर शारदा के भीषण उफान के कारण अभियान टालना पड़ा था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से निकालने की योजना बनायी और रात ही में सेना को सूचित किया गया और बरेली से आयी सैन्य टुकड़ी ने आज सुबह ही बचाव अभियान शुरू कर दिया।
सेना के कुछ जवानों ने संवाददाताओं को बताया कि शारदा पार के गांव में लगभग 500 ग्रामीण बाढ़ में फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने में वक्त लगेगा।
वहीं, पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. पूरी रात माधो टांडा थाने की रामनगर चौकी पर मौजूद रहे। जिला अधिकारी पुलकित खरे और अपर आयुक्त (प्रशासन) अरुण कुमार भी देर रात तक वहां मौजूद रहे।
नानक सागर और डियूनि बांध से पानी छोड़े जाने से देवहा नदी उफान पर है। उसका पानी भी शहर में घुस चुका है। बेनी चौधरी सहित निचले इलाकों में लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं। शहर में बरेली मार्ग को जोड़ने वाले ईदगाह मार्ग पर देवहा नदी का पानी घुस गया है। पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग पर अवरोधक लगाकर इस मार्ग को बंद कर दिया है। तीन दिन हुई बारिश से नानक सागर बांध पूरी तरह भर गया था। मंगलवार सुबह इस बांध का पानी छोड़ दिया गया उसके बाद ड्यूनि बांध के भी सारे गेट खोल दिए गए। इससे देवहा नदी में बाढ़ आ गई है।
स्थानीय सांसद वरुण गांधी के प्रवक्ता एम. आर. मलिक ने बताया कि वरुण ने मुख्यमंत्री से जिले में बाढ़ के कारण बर्बाद हुई फसल का मुआवजा किसानों को दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वरुण बृहस्पतिवार को पीलीभीत पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2021 05:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

