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प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वृहद कार्य योजना बनाई जाए : मुख्यमंत्री

उन्होंने राजस्व प्राप्ति की समस्त सम्भावनाओं पर कार्य करने पर बल दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इसलिए राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक स्रोत चिह्नित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।

प्रवासी कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वृहद कार्य योजना बनाई जाए : मुख्यमंत्री
जमात

लखनऊ,नौ मई उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वृहद कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूह के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने और इन समूहों की सदस्यों को रेडिमेड कपड़े तथा स्वेटर आदि तैयार करने के लिए प्रशिक्षित करने को कहा गया।

उन्होंने राजस्व प्राप्ति की समस्त सम्भावनाओं पर कार्य करने पर बल दिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इसलिए राजस्व वृद्धि के वैकल्पिक स्रोत चिह्नित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।

अब तक विभिन्न राज्यों से रेलगाड़ियों और बसों के जरिये करीब आठ लाख श्रमिक प्रदेश में लाये जा चुके है। उम्मीद है कि 20 लाख प्रवासी इस दौरान अपने घर लौटेंगे।

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश ने दूसरे प्रदेशों में रह रहें अपने श्रमिको एवं कामगारों की सुरक्षित वापसी की शुरुआत की। इन सभी को स्थानीय स्तर पर उनके हुनर के अनुसार रोजगार देने के लिये हम प्रतिबद्ध हैं। इसके लिये दीर्घकालीन और अल्पकालीन दोनों तरह की योजनाएं सरकार के पास हैं। हर हालत में हम कोरोना जनित इस संकट को श्रम में बदलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की केमिस्ट्री को समझते हुए ट्रीटमेंट करने की आवश्यकता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कोरोना से बचा जा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा लांच किए गए ‘आयुष कवच-कोविड’ ऐप में जड़ी-बूटियों पर आधारित आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़ी उपयोगी जानकारियों का समावेश किया गया है, जिन्हें अपनाकर लोग अपनी प्रतिरोधक क्षमता को विकसित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि 18 करोड़ लोगों को तीन चरणों में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा चुका है। यह एक बहुत बड़ा कार्य है, क्योंकि 18 करोड़ तो कई देशों की आबादी भी नहीं है।

बैठक में मुख्यमंत्री योगी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में कोविड-19 के मरीजों के ठीक होने की दर 42 प्रतिशत है। यह दर राष्ट्रीय औसत 29.2 प्रतिशत से लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों के 52,000 विस्तर की क्षमता विस्तार के लक्ष्य के सापेक्ष 53,400 बिस्तरों की व्यवस्था कर ली गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज के दौरान संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्सा कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार संचालित किए जाएं। डिग्री व इण्टर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाए, जिससे यह लोग आमजन को जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में आपात सेवाओं के संचालन की अनुमति सम्बन्धित जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की समिति प्रदान करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि आपात सेवा प्रदान करने जा रहे चिकित्सालय में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय लागू हो गए हैं तथा अस्पताल की मेडिकल टीम को संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में प्रशिक्षित कर दिया गया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गर्मी व बरसात के मौसम में संचारी रोगों के प्रसार की सम्भावना रहती है। इसे ध्यान में रखकर संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। मलेरिया, डेंगू सहित विभिन्न संचारी रोगों की प्रभावी रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, ग्राम्य विकास, नगर विकास, पंचायती राज, बाल विकास, महिला कल्याण आदि विभाग को एक समन्वित व समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2020 03:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).