Condom Price Rise: कंडोम की कीमतों में भारी उछाल की चेतावनी, ईरान युद्ध और सप्लाई संकट के कारण 30% तक बढ़ सकते हैं दाम
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)

कुआलालंपुर/नई दिल्ली: दुनिया के हर पांच में से एक कंडोम का उत्पादन करने वाली मलेशियाई कंपनी (Malaysian Company) 'कैरेक्स' (Karex) ने वैश्विक बाजार के लिए चिंताजनक संकेत दिए हैं. कंपनी के नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि ईरान (Iran) से जुड़े संभावित बड़े युद्ध के कारण कंडोम (Condom) की कीमतों में 30% तक की भारी बढ़ोतरी हो सकती है. क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण वैश्विक रसद (Logistics) और आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता पर गहरा संकट मंडरा रहा है, जिससे कीमतों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखना निर्माता के लिए असंभव होता जा रहा है. यह भी पढ़ें: India Condom Shortage: तेल और गैस के बाद, पश्चिम एशिया के युद्ध से भारत में कंडोम की कमी का खतरा, बढ़ सकती हैं कीमतें!

कच्चे माल की बढ़ती लागत और पेट्रोलियम कनेक्शन

कंडोम निर्माण की प्रक्रिया में रसायनों और लुब्रिकेंट्स (Lubricants) का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है, जिनमें से अधिकांश पेट्रोलियम-आधारित होते हैं। ईरान और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है, जिससे सिंथेटिक सामग्री की लागत सीधे तौर पर प्रभावित हुई है.

फैक्ट्री संचालन से लेकर 140 से अधिक देशों में उत्पादों को भेजने वाले शिपिंग कंटेनरों तक, हर स्तर पर खर्च बढ़ गया है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह ओवरहेड खर्च अब उस सीमा तक पहुँच गया है जहाँ निर्माताओं के पास इसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

शिपिंग मार्गों में व्यवधान और बढ़ता बीमा

प्रस्तावित मूल्य वृद्धि का एक बड़ा कारण समुद्री परिवहन में आ रही बाधाएं हैं. मध्य पूर्व अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण चौराहा है. ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण जहाजों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से बचने के लिए लंबे और अधिक महंगे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है.

इन देरी के कारण न केवल डिलीवरी का समय बढ़ गया है, बल्कि कार्गो के लिए बीमा प्रीमियम (Insurance Premiums) में भी भारी उछाल आया है. कंडोम जैसे 'हाई-वॉल्यूम, लो-मार्जिन' उत्पाद के लिए, ये लॉजिस्टिकल चुनौतियां अंतिम खुदरा मूल्य पर बहुत बड़ा प्रभाव डालती हैं. यह भी पढ़ें: Delhi Girls' Hostel Condoms Fact Check: दिल्ली गर्ल्स हॉस्टल के गटर में मिले कंडोम के ढेर? वायरल वीडियो का सच आया सामने

वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संकट की आशंका

कंडोम की कीमतों में 30% की वृद्धि वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के लिए गंभीर चिंता का विषय है. कई एनजीओ (NGO) और सरकारी स्वास्थ्य विभाग एचआईवी (HIV) और अन्य यौन संचारित संक्रमणों (STIs) को रोकने के लिए थोक में खरीदे गए सस्ते गर्भनिरोधकों पर निर्भर हैं. विशेषज्ञों को डर है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो विकासशील देशों की कमजोर आबादी तक आवश्यक प्रजनन स्वास्थ्य आपूर्ति की पहुंच कम हो सकती है, जिससे परिवार नियोजन के क्षेत्र में अब तक हुई प्रगति पिछड़ सकती है.

बाजार का भविष्य और स्थिरता

कैरेक्स द्वारा दी गई यह चेतावनी पूरे मेडिकल रबर उद्योग (जैसे सर्जिकल ग्लव्स और कैथेटर) के लिए एक बड़े खतरे का संकेत है. फिलहाल, वैश्विक बाजार अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है, जहाँ आवश्यक स्वास्थ्य वस्तुओं की लागत सीधे तौर पर मध्य पूर्व की स्थिरता से जुड़ गई है.