अफगानिस्तान के तालिबान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी (Amir Khan Muttaqi) की भारत यात्रा इस महीने होनी थी, लेकिन UN सुरक्षा परिषद की मंजूरी न मिलने के कारण इसे टालना पड़ा. मुत्ताकी अगर आते तो अगस्त 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद भारत आने वाले पहले मंत्री होते. UN सुरक्षा परिषद की 1988 प्रतिबंध समिति तालिबान नेताओं पर यात्रा बैन, संपत्ति फ्रीज और हथियारों पर रोक की निगरानी करती है. किसी भी विदेश यात्रा के लिए मंजूरी यानी वेवर (छूट) लेना जरूरी है. इस बार वेवर की अर्जी पर पाकिस्तान की अगुवाई वाले पैनल ने रोक लगा दी. माना जा रहा है कि इस्लामाबाद की आपत्ति के कारण ही मुत्ताकी की भारत यात्रा टली.
पहले भी टल चुकी है मुलाकात
पिछले महीने मुत्ताकी का पाकिस्तान दौरा भी तय था, लेकिन अमेरिका की आपत्ति के चलते वह भी रद्द करना पड़ा. अब भारत दौरा भी उसी कारण अटक गया है.
भारत का रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच पुराने और मज़बूत रिश्ते हैं. हम अफगान जनता की आकांक्षाओं और विकास की ज़रूरतों के लिए काम करते रहेंगे. अफगान अधिकारियों से हमारी बातचीत जारी है. अगर कोई नया अपडेट होगा तो साझा किया जाएगा.”
तालिबान से भारत की बातचीत
भारत ने हाल के वर्षों में तालिबान नेतृत्व से संपर्क बनाए रखा है. जनवरी में दुबई में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री की मुत्ताकी से मुलाकात हुई थी. इसके बाद मई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मुत्ताकी की फोन पर बात हुई थी. सितंबर में भी दोनों के बीच बातचीत हुई जब भारत ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में आए भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी.
मुत्ताकी की भारत यात्रा कब?
सूत्रों के मुताबिक यह दौरा केवल स्थगित हुआ है, रद्द नहीं. उम्मीद है कि आने वाले महीनों में, जब वेवर की समस्या हल हो जाएगी, तब मुत्ताकी भारत का दौरा कर सकते हैं.













QuickLY