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Russia-Ukraine Tension: पुतिन ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को दी मान्यता, भेजी रूस की सेना, UNSC की आपात बैठक में भारत बोला- युद्ध समस्या का हल नहीं

रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. देर रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी है. रूस के इस फैसले से यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की पश्चिम देशों की आशंका को बल मिला है.

Russia-Ukraine Tension: पुतिन ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को दी मान्यता, भेजी रूस की सेना, UNSC की आपात बैठक में भारत बोला- युद्ध समस्या का हल नहीं
रूस और यूक्रेन का तनाव बढ़ा (Photo Credits: ANI)

रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. देर रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने पूर्वी यूक्रेन में रूस समर्थित अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दे दी है. रूस के इस फैसले से यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की पश्चिम देशों की आशंका को बल मिला है. हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskiy) ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए साफ कहा है कि यूक्रेन किसी से डरता नहीं है. उन्होंने रूस पर शांति वार्ता को बर्बाद करने का आरोप लगाया और किसी भी क्षेत्रीय रियायत को ख़ारिज कर दिया है. यूक्रेन-रूस संकट पर टिकीं सभी की निगाहें, बाल्कन में अपना दूत भेजेंगे पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देने के साथ-साथ वहां पर अपने सैनिकों की तैनाती करने के आदेश दिए हैं. इस बीच, अमेरिका, मैक्सिको और पांच यूरोपीय देशों के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने सोमवार रात को एक आपात बैठक बुलाई. जिसमें यूरोपियों देशों के साथ ही अमेरिका ने भी रूस के कदम का विरोध किया. ब्रिटेन ने कहा कि रूस को अपना फैसला वापस लेना चाहिए.

यूक्रेन पर यूएनएससी की बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा “रूस के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गहरी चिंता का विषय है. इन घटनाक्रमों में क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को कमजोर करने की क्षमता है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान करते हैं. हमें विश्वास है कि इस मुद्दे को केवल राजनयिक बातचीत के माध्यम से हल किया जा सकता है.”

भारत का पक्ष रखते हुए तिरुमूर्ति ने कहा “नागरिकों की सुरक्षा आवश्यक है. 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते और पढ़ते हैं. भारतीयों की सलामती हमारी प्राथमिकता है.

उल्लेखनीय है कि पश्चिमी देशों को इस बात का डर है कि रूस किसी भी समय यूक्रेन पर हमला कर सकता है और वह पूर्वी यूक्रेन में झड़पों को हमला करने के लिए बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है.

इससे पहले, यूक्रेन के अलगाववादी नेताओं ने टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान के जरिए रूस के राष्ट्रपति से अनुरोध किया था कि वे अलगाववादी क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दें और मित्रता संधियों पर हस्ताक्षर करके उनके खिलाफ जारी यूक्रेनी सेना के हमलों से उनकी रक्षा करने के लिए सैन्य सहायता भेजें. रूस के निचले सदन ने भी पिछले सप्ताह इसी प्रकार की अपील की थी.

पुतिन ने रूसी सांसदों से यूक्रेन के विद्रोही क्षेत्रों के साथ संधियों पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, जिससे कि उन्हें मॉस्को का सैन्य समर्थन मिल सके.

वहीं, यूरोपीय संघ ने यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देने के रूस के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार देते हुए कहा कि वह इसमें शामिल लोगों पर प्रतिबंध लगाएगा. इसने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया.

गौरतलब है कि रूस ने रविवार को यूक्रेन की उत्तरी सीमाओं के पास सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया था. उसने यूक्रेन की उत्तरी सीमा से लगे बेलारूस में करीब 30,000 सैनिकों की तैनाती की है. साथ ही यूक्रेन की सीमाओं पर 1,50,000 सैनिकों, युद्धक विमानों और अन्य साजो-सामान की तैनाती कर रखी है. कीव की आबादी करीब 30 लाख है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2022 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).