Meenu Batra: अमेरिका में 35 साल से रह रही भारतीय महिला को डिपोर्ट करने की तैयारी, बेटे के अमेरिकी सेना में होने के बावजूद ICE ने किया गिरफ्तार
टेक्सास में रहने वाली भारतीय मूल की मीनू बत्रा को अमेरिकी प्रशासन ने हिरासत में लिया है. 35 वर्षों से अमेरिका में रह रहीं बत्रा पर 24 घंटे भूखा रखने और चिकित्सा सहायता न देने के गंभीर आरोप लगे हैं.
टेक्सास/वॉशिंगटन: अमेरिका (US) में पिछले 35 वर्षों से रह रही भारतीय मूल (Indian Origin) की 53 वर्षीय महिला, मीनू बत्रा (Meenu Batra) को अमेरिकी आप्रवासन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (U.S. Immigration and Customs Enforcement) (ICE) ने हिरासत में ले लिया है. मीनू बत्रा टेक्सास में एक प्रतिष्ठित कोर्ट इंटरप्रेटर (अनुवादक) हैं और उन्होंने दशकों तक अमेरिकी इमिग्रेशन कोर्ट (US Immigration Court) के साथ काम किया है. विडंबना यह है कि जो महिला वर्षों तक प्रवासियों को कानूनी रास्ता समझाती रही, आज वह खुद उसी कानूनी पेचीदगी के चलते निर्वासन (Deportation) की कगार पर खड़ी है. यह भी पढ़ें: India-US Relations: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और पश्चिम एशिया के हालातों पर हुई चर्चा
एयरपोर्ट पर हिरासत और अमानवीय व्यवहार के आरोप
मीनू बत्रा को 17 मार्च को टेक्सास के वैली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तब हिरासत में लिया गया, जब वह एक कोर्ट असाइनमेंट के लिए विस्कॉन्सिन जा रही थीं. वकीलों द्वारा दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका के अनुसार:
- उन्हें लगभग 24 घंटे तक बिना भोजन और पानी के रखा गया.
- दिसंबर 2025 में उनकी सर्जरी हुई थी, लेकिन हिरासत में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है.
- वकीलों का दावा है कि वह गंभीर श्वसन बीमारी से जूझ रही हैं और उनकी आवाज भी चली गई है.
क्या है 'विथहोल्डिंग ऑफ रिमूवल' का मामला?
मीनू बत्रा 1980 के दशक में भारत में हुए सिख विरोधी दंगों के बाद अमेरिका चली गई थीं. साल 2000 में उन्हें 'विथहोल्डिंग ऑफ रिमूवल' (Withholding of Removal) का दर्जा दिया गया था.
- कानूनी स्थिति: इसका मतलब था कि अमेरिकी सरकार उन्हें भारत वापस नहीं भेज सकती थी क्योंकि वहां उनकी जान को खतरा था. हालांकि, यह दर्जा उन्हें ग्रीन कार्ड या स्थायी नागरिकता नहीं देता.
- ट्रंप प्रशासन की नीति: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियों के तहत, अब उन पुराने आदेशों पर भी कार्रवाई की जा रही है जो दशकों से लंबित थे. तकनीकी रूप से, उन्हें भारत के बजाय किसी तीसरे देश में डिपोर्ट किया जा सकता है.
परिवार और पेशा: एक सम्मानित नागरिक की पहचान
मीनू बत्रा चार बच्चों की एकल मां हैं, जो सभी अमेरिकी नागरिक हैं. उनका सबसे छोटा बेटा हाल ही में अमेरिकी सेना (US Army) में शामिल हुआ है और उसने अपनी मां की रिहाई के लिए पेरोल का आवेदन भी दिया है.
वह टेक्सास में पंजाबी, हिंदी और उर्दू की एकमात्र प्रमाणित मास्टर-लेवल इंटरप्रेटर हैं. उनकी गिरफ्तारी ने स्थानीय समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है.
कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
मीनू बत्रा के वकीलों का कहना है कि उनकी हिरासत पूरी तरह अवैध है, क्योंकि उनके पास वैध वर्क परमिट है जो अगले चार वर्षों तक मान्य है. दक्षिणी जिला टेक्सास के अमेरिकी जिला न्यायालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) को 21 अप्रैल 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
फिलहाल, मीनू बत्रा मैक्सिको सीमा के पास 'एल वैले डिटेंशन सेंटर' में बंद हैं. उनकी कानूनी टीम तत्काल रिहाई की मांग कर रही है, ताकि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2026 08:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

