मुंबई. मुंबई पुलिस ने एक 46 वर्षीय बांग्लादेशी महिला को एक बार फिर अवैध रूप से शहर में रहने के आरोप में हिरासत में लिया है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस महिला को पहले भी पकड़ा गया था और भारत से निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया गया था. ताजा कार्रवाई मुंबई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान विले पार्ले इलाके में की गई है.
निर्वासन के छह महीने बाद फिर पकड़ी गई आरोपी
पकड़ी गई महिला की पहचान राबिया नासिर मुल्ला के रूप में हुई है. इससे पहले वह मीरा-भयंदर इलाके में अवैध रूप से रहती हुई पाई गई थी, जिसके बाद उसे वापस बांग्लादेश भेज दिया गया था. हालांकि, निर्वासन के महज छह महीने के भीतर वह फिर से मुंबई लौट आई. यह भी पढ़े: Mumbai Taxi Driver Arrested: मुंबई पुलिस की कार्रवाई, टैक्सी ड्राइवर ने 400 मीटर के सफर के लिए अमेरिकी पर्यटक से वसूले ₹18,000, गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान राबिया ने खुलासा किया कि वह लगभग 25 वर्षों से मुंबई में रह रही थी. डिपोर्ट किए जाने के बाद उसने कथित तौर पर जंगलों के रास्तों का इस्तेमाल कर सीमा पार की और दोबारा भारत में प्रवेश किया. पुलिस ने उसे फिर से निर्वासित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
दक्षिण मुंबई से दो अन्य महिलाएं भी हिरासत में
इसी तरह के अन्य ऑपरेशनों में पुलिस ने दक्षिण मुंबई के विभिन्न हिस्सों से दो और बांग्लादेशी महिलाओं, जुलेखा जमाल शेख (38) और बिल्किस बेगम सिरमिया अख्तर (30) को पकड़ा है. इन दोनों को भी पिछले साल अगस्त में हिरासत में लेकर डिपोर्ट किया गया था, लेकिन वे अवैध रूप से वापस लौटने में कामयाब रहीं.
आंकड़ों में कार्रवाई: 3 साल में 1,758 गिरफ्तारियां
मुंबई पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में बिना वैध दस्तावेजों के रहने वाले कुल 1,758 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है.
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इनमें से 1,238 व्यक्तियों को अब तक डिपोर्ट किया जा चुका है.
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बाकी बचे लोगों के मामलों पर कानूनी प्रक्रिया जारी है.
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अकेले वर्ष 2025 में, 1,100 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया. इस दौरान 150 मामले दर्ज किए गए जिनमें 224 लोग आरोपी पाए गए.
2026 में जारी है पुलिस का सख्त अभियान
मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त (कानून व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी ने बताया कि इस साल 1 जनवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच 113 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है. इनमें से 27 को अब तक डिपोर्ट किया जा चुका है. अन्य आरोपियों के मामले फिलहाल अदालत में लंबित हैं और कोर्ट के आदेश मिलने के बाद उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.













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