ब्रिटेन: भारतीय मूल के Uber Eats ड्राइवर को रेप के मामले में जेल; Visa मदद के बहाने महिला ग्राहक को बनाया था शिकार
ब्रिटेन के लिंकनशायर में एक भारतीय मूल के फूड डिलीवरी ड्राइवर को महिला ग्राहक के साथ बलात्कार करने के जुर्म में तीन साल आठ महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. आरोपी ने वीजा मदद के बहाने महिला से संपर्क बढ़ाया था.
लिंकनशायर: ब्रिटेन (UK) के लिंकनशायर (Lincolnshire) में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ भारतीय मूल के एक 'उबर ईट्स' (Uber Eats) ड्राइवर को अपनी महिला ग्राहक के साथ बलात्कार (Rape) करने के आरोप में जेल भेज दिया गया है. 47 वर्षीय आरोपी जितेंद्रकुमार प्रजापति (Jitendra Kumar Prajapati) को लिंकन क्राउन कोर्ट (Lincoln Crown Court) ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई. आरोपी ने अपराध करने के बाद पीड़िता को व्हाट्सएप पर 'सॉरी' का मैसेज भी भेजा था, जिसे पुलिस ने अहम सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया. यह भी पढ़ें: US Crime: अमेरिका में भारतीय मूल का शराब व्यापारी गिरफ्तार; नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स देकर यौन शोषण करने के लगे गंभीर आरोप
वीजा मदद के बहाने बढ़ाई नजदीकियां
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 14 जनवरी को बोस्टन, लिंकनशायर में हुई. प्रजापति उस महिला के घर खाना डिलीवर करने गया था. वहां उसने महिला से बातचीत शुरू की और खुद को इलाके में नया बताते हुए 'वीजा समस्याओं' में मदद मांगी. इस दौरान उसने महिला का फोन नंबर और इंस्टाग्राम हैंडल भी हासिल कर लिया.
शाम करीब 5 बजे, आरोपी दोबारा उसी पते पर पहुंचा और महिला के साथ बलात्कार किया. अदालत ने पीड़िता को 'अति संवेदनशील' (Vulnerable) श्रेणी में रखा है.
अपराध के बाद भेजा 'सॉरी' का मैसेज
वारदात को अंजाम देने के बाद प्रजापति ने पीड़िता को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर माफी मांगी. उसने अपना यूजरनेम बदल दिया और चैट के लिए 'डिलीटिंग मैसेज' फीचर ऑन कर दिया ताकि सबूत मिटाए जा सकें. हालांकि, महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसमें प्रजापति ने पीड़िता से पुलिस को न बताने की गुहार लगाई थी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसी रात 9 बजे आरोपी को हिरासत में ले लिया. यह भी पढ़ें: कनाडाई महिला को AI से हुआ प्यार, साल भर से रिलेशनशिप में होने का दावा; बताया कैसा है उसका 'वर्चुअल पार्टनर' (Watch Video)
अदालती कार्यवाही और सजा
शुरुआत में प्रजापति को पांच साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन अपना जुर्म कबूल करने के बाद इसे घटाकर तीन साल और आठ महीने कर दिया गया. जांच अधिकारी डिटेक्टिव कांस्टेबल जेसिका मैककीर्नन ने पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी त्वरित सूचना और पुलिस पर भरोसे के कारण ही अपराधी को घंटों के भीतर गिरफ्तार करना संभव हो सका.
पुलिस का आधिकारिक बयान
लिंकनशायर पुलिस ने फैसले के बाद स्पष्ट किया कि पुलिस बल का काम अपराध की जांच करना, सबूत जुटाना और संदिग्धों को पकड़ना है. सजा के निर्धारण में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती, यह पूरी तरह से स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि इस फैसले से पीड़िता को सुरक्षा और न्याय का अहसास होगा.
उबर ईट्स ने भी इस घटना की निंदा करते हुए आरोपी ड्राइवर के अकाउंट को स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 12:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

