एलन मस्क क्या लड़ पाएंगे 2028 का राष्ट्रपति चुनाव? 'अमेरिका पार्टी' के सामने हैं ये 5 बड़ी चुनौतियां
एलन मस्क ने 'अमेरिका पार्टी' नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य अमेरिका की दो-दलीय प्रणाली को चुनौती देना है. हालांकि, वित्तीय, संगठनात्मक और कानूनी चुनौतियों के साथ-साथ उनके खुद राष्ट्रपति चुनाव न लड़ पाने (क्योंकि वे अमेरिका में पैदा नहीं हुए) के कारण 2028 में इस पार्टी की सफलता अनिश्चित है. मस्क का यह कदम अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस छेड़ चुका है, पर इसका वास्तविक प्रभाव भविष्य ही बताएगा.
Elon Musk's 'America Party': एलन मस्क, जिन्हें दुनिया टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक के तौर पर जानती है, अब अमेरिकी सियासत में तहलका मचाने की तैयारी में हैं. हाल ही में उन्होंने 'अमेरिका पार्टी' नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी शुरू करने का ऐलान किया है. मस्क का कहना है कि वो अमेरिका के लोगों को डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों से 'आजादी' दिलाना चाहते हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या मस्क की ये नई पार्टी 2028 के राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election 2028) में कोई बड़ा धमाका कर पाएगी? और क्या मस्क खुद राष्ट्रपति बनने का सपना देख सकते हैं?
मस्क ने क्यों बनाई 'अमेरिका पार्टी'?
मस्क का 'अमेरिका पार्टी' बनाने का फैसला तब आया, जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा खर्चीला बिल (जिसे 'One Big, Beautiful Bill' कहा जा रहा है) अमेरिकी सीनेट से पास हुआ. मस्क इस बिल को देश की अर्थव्यवस्था के लिए बोझ मानते हैं और इसे पास करने वाले सांसदों को हटाने की बात कह चुके हैं. ट्रंप और मस्क के बीच इस मुद्दे पर ठन गई, और ट्रंप ने तो मस्क को अमेरिका से डिपोर्ट करने तक की धमकी दे दी! बस, यहीं से मस्क ने नई पार्टी बनाने का मन बना लिया.मस्क का दावा है कि उनकी पार्टी अमेरिका के कर्ज को कम करेगी, जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देगी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मजबूत करेगी, नियम-कानूनों में कटौती करेगी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करेगी. मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोल भी किया, जिसमें 12 लाख लोगों ने हिस्सा लिया और ज्यादातर ने नई पार्टी के पक्ष में वोट दिया.
अमेरिका में दो पार्टियों का दबदबा
अमेरिका की सियासत में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा है. इसे 'टू-पार्टी सिस्टम' कहते हैं. यहां तीसरी पार्टी का जीतना बहुत मुश्किल होता है. क्यों? क्योंकि अमेरिका में वोटिंग का तरीका 'विनर-टेक्स-ऑल' है. यानी जो उम्मीदवार सबसे ज्यादा वोट पाता है, वही जीतता है. लोग अक्सर छोटी पार्टियों को वोट देने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका वोट 'बर्बाद' हो जाएगा.
पिछले चुनावों में तीसरी पार्टियों, जैसे लिबरेटियन पार्टी या ग्रीन पार्टी, ने कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई खास कामयाबी नहीं मिली. रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर जैसे निर्दलीय उम्मीदवार भी कुछ खास नहीं कर पाए. तो, मस्क की 'अमेरिका पार्टी' के लिए भी रास्ता आसान नहीं होगा.मस्क के सामने क्या चुनौतियां हैं?
पैसे और संगठन की कमी: नई पार्टी बनाना और उसे राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना आसान नहीं. इसके लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी. 2020 के चुनाव में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन ने मिलकर 14 अरब डॉलर खर्च किए थे. मस्क के पास पैसा तो है, लेकिन क्या वो इतना बड़ा खर्च उठा पाएंगे? साथ ही, पार्टी को कार्यालय, स्टाफ, वॉलंटियर्स और कैंपेन के लिए मजबूत ढांचा चाहिए, जो डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के पास पहले से है.
इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम: अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव 'इलेक्टोरल कॉलेज' के जरिए होता है. इसमें पूरे राज्य में बहुमत चाहिए, जो छोटी पार्टियों के लिए बहुत मुश्किल है. कुल 538 इलेक्टर्स होते हैं, और जीत के लिए कम से कम 270 वोट चाहिए.
हस्ताक्षर और कानूनी प्रक्रिया: नई पार्टी को हर राज्य में रजिस्टर कराने के लिए लाखों हस्ताक्षर इकट्ठा करने पड़ते हैं. ये प्रक्रिया महंगी और समय लेने वाली है.
लोगों का भरोसा जीतना: मस्क भले ही मशहूर हों, लेकिन सियासत में लोगों का भरोसा जीतना अलग बात है. डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों की जड़ें बहुत गहरी हैं, और लोग अक्सर इन्हीं को वोट देते हैं.
क्या मस्क खुद बन सकते हैं राष्ट्रपति?
यहां सबसे बड़ा सवाल है: क्या एलॉन मस्क खुद 2028 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ सकते हैं? जवाब है- नहीं. अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 2 के मुताबिक, राष्ट्रपति बनने के लिए तीन शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- व्यक्ति को अमेरिका का प्राकृतिक रूप से जन्मा नागरिक होना चाहिए.
- उसकी उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए.
- उसे कम से कम 14 साल से अमेरिका का निवासी होना चाहिए.
मस्क की उम्र तो 35 से ज्यादा है, और वो अमेरिका में लंबे समय से रह रहे हैं. लेकिन दिक्कत ये है कि मस्क का जन्म दक्षिण अफ्रीका में हुआ था. इस वजह से वो संवैधानिक रूप से राष्ट्रपति का चुनाव नहीं लड़ सकते.क्या मस्क संविधान बदल सकते हैं? कुछ लोग कहते हैं कि मस्क अपनी पार्टी को जिताकर किसी अमेरिकी मूल के व्यक्ति को राष्ट्रपति बनवाएं और फिर संविधान में संशोधन करवाएं, ताकि विदेश में जन्मे लोग भी राष्ट्रपति बन सकें. लेकिन संविधान बदलना इतना आसान नहीं. इसके लिए सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में दो-तिहाई बहुमत और फिर 38 राज्यों की मंजूरी चाहिए. ये लगभग असंभव है.
2028 में क्या हो सकता है?
2028 का राष्ट्रपति चुनाव कई मायनों में दिलचस्प होगा. डोनाल्ड ट्रंप, जो 2024 में दूसरी बार राष्ट्रपति बने, 22वें संशोधन की वजह से तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते. लेकिन ट्रंप और उनके समर्थक संविधान में बदलाव की बात कर रहे हैं, ताकि तीसरा कार्यकाल मुमकिन हो. अगर ऐसा हुआ, तो मस्क की पार्टी के लिए चुनौती और बढ़ जाएगी.
वहीं, डेमोक्रेट्स की ओर से बराक ओबामा का नाम भी चर्चा में है. उनके समर्थक चाहते हैं कि ओबामा फिर से मैदान में उतरें, अगर संविधान में बदलाव होता है. ऐसे में मस्क की 'अमेरिका पार्टी' को दो दिग्गज पार्टियों से टक्कर लेना आसान नहीं होगा.
तो, क्या मस्क की पार्टी कामयाब होगी?
एलॉन मस्क की 'अमेरिका पार्टी' ने सियासी हलचल तो मचा दी है, लेकिन इसका भविष्य अनिश्चित है. अगर मस्क की पार्टी कुछ राज्यों में अच्छा प्रदर्शन करती है, तो वो 2028 के चुनाव को करीबी और रोमांचक बना सकती है. लेकिन डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के दबदबे को तोड़ना और इलेक्टोरल कॉलेज में जीत हासिल करना उनके लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी.मस्क की तरह एक अरबपति और इनोवेटर का सियासत में आना नया रंग जरूर लाएगा, लेकिन क्या वो अमेरिका की सियासत को बदल पाएंगे? ये तो वक्त ही बताएगा. फिलहाल, मस्क का ये कदम चर्चा का विषय बना हुआ है, और लोग उनकी अगली चाल का इंतजार कर रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 01:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

