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ट्रंप के एक्शन पर जिनपिंग का नया अटैक; चीन ने अमेरिकी सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 125% किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर लगाए गए 145 फीसदी टैरिफ का चीन ने भी अब सख्त जवाब दे दिया है. चीन ने अपने यहां आयात होने वाले अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 84 फीसदी से बढ़ाकर 125% कर दिया है.

ट्रंप के एक्शन पर जिनपिंग का नया अटैक; चीन ने अमेरिकी सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 125% किया
Donald Trump, Xi Jinping | X

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन पर लगाए गए 145 फीसदी टैरिफ का चीन ने भी अब सख्त जवाब दे दिया है. चीन ने अपने यहां आयात होने वाले अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ 84 फीसदी से बढ़ाकर 125 फीसदी कर दिया है. यह निर्णय चीन की ओर से स्पष्ट संकेत है कि वह अब इस व्यापार युद्ध में पीछे हटने को तैयार नहीं है.

अमेरिका के 145 फीसदी टैक्स के बाद भड़के शी जिनपिंग, बोले- एकतरफा दबाव की राजनीति नहीं चलेगी.

12 अप्रैल 2025 से चीन में अमेरिकी उत्पादों पर बढ़ा हुआ शुल्क लागू हो जाएगा. चीन के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अगर अमेरिका इसी तरह चीन के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाता रहा, तो चीन "आखिरी दम तक जवाब देगा". चीन के इस कदम के बाद साफ हो गया है कि व्यापार युद्ध अब गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है.

दुनिया से टकराकर नहीं जीत सकते ट्रंप: शी जिनपिंग

बीजिंग में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के साथ बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहली बार खुलकर अमेरिका की आलोचना की. उन्होंने कहा, :"ट्रेड वॉर में कोई विजेता नहीं होता. जो देश दुनिया के खिलाफ चलता है, वह खुद को अलग-थलग कर लेता है." जिनपिंग ने यह भी साफ किया कि चीन किसी के दबाव में झुकने वाला नहीं है. उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) से अपील की कि वह अमेरिका की इस "एकतरफा दादागीरी" के खिलाफ चीन का साथ दे.

यूरोप और भारत से समर्थन की अपील

चीन ने ना सिर्फ यूरोपीय संघ से सहयोग मांगा, बल्कि भारत और चीन के संयुक्त प्रयासों की भी चर्चा की. उनका मानना है कि अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था को बचाना है, तो अमेरिका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है. जिनपिंग ने कहा, अकेले-अकेले नहीं, एकजुट होकर ही अमेरिका की मनमानी को रोका जा सकता है.

ट्रंप की लगातार बढ़ती सख्ती

ट्रंप ने इस साल पहले 10%, फिर 34%, फिर 50% और अब कुल 145% टैरिफ लगा दिए हैं. व्हाइट हाउस ने यह भी साफ किया है कि इसमें चीन पर पहले से लगे 20% फेंटानिल-सम्बंधित टैरिफ भी शामिल हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर पर टैरिफ का कोई आर्थिक औचित्य नहीं रह जाता, क्योंकि अमेरिका के उत्पाद अब चीनी बाजार में बिकने लायक नहीं रहेंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 11, 2025 02:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).