अमेरिका में शटडाउन को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम, कमला हैरिस और डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन्स पर साधा निशाना
वॉशिंगटन डीसी एक बार फिर अनिश्चितता और सियासी खींचतान का गवाह बन रहा है. अमेरिकी संसद में बजट पर सहमति नहीं बनी और “गर्वनमेंट शटडाउन” लागू हो गया. इस बिल को लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन में जुबानी जंग छिड़ी हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं, तो अब पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी रिपब्लिकन्स पर निशाना साधा है.
वाशिंगटन, 1 अक्टूबर : वॉशिंगटन डीसी एक बार फिर अनिश्चितता और सियासी खींचतान का गवाह बन रहा है. अमेरिकी संसद में बजट पर सहमति नहीं बनी और “गर्वनमेंट शटडाउन” लागू हो गया. इस बिल को लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन में जुबानी जंग छिड़ी हुई है. राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही इसके लिए डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार ठहरा चुके हैं, तो अब पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी रिपब्लिकन्स पर निशाना साधा है.
हैरिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अमेरिकी जनता को भरोसा दिलाने की कोशिश की कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि "आपकी सरकार हेल्थ केयर पर पैसे नहीं खर्च करना चाहती." आगे लिखा, "मैं स्पष्ट कर दूं: रिपब्लिकन्स ही व्हाइट हाउस, सदन और सीनेट के प्रभारी हैं तो ये शटडाउन उनकी ही देन है." यह भी पढ़ें : Brazil Viral Video: ब्राज़ील में नवजात शिशु ने जन्म के बाद पकड़ा आईयूडी, मां के गर्भनिरोधक उपाय को किया फेल
कांग्रेस सदस्य शोंटेल ब्राउन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन्स ही इस बंद के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने एक बयान में कहा, "रिपब्लिकन सरकार धन मुहैया कराने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह से नाकाम रही है. इस हफ्ते जब सरकार शटडाउन के कगार पर थी, तब हाउस रिपब्लिकन वाशिंगटन में भी नहीं थे. यह कोई संयोग नहीं था; यह एक जानबूझकर लिया गया फैसला था. हम (डेमोक्रेट्स) स्वास्थ्य सेवा बचाने के लिए काम पर आए थे - वे छुट्टी पर चले गए."
उन्होंने आगे दावा किया कि जितनी देर तक ये शटडाउन रहेगा, उत्तर-पूर्वी ओहायो के परिवारों, मजदूरों और समुदायों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी: सैन्यकर्मियों और संघीय कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलेगा, सामाजिक सुरक्षा और पूर्व सैनिकों की सेवा भी प्रभावित हो सकती है और छोटे व्यवसायों के लिए ऋण रुक सकते हैं.
कांग्रेस सदस्य जैस्मीन क्रॉकेट ने एक्स पोस्ट में कहा कि रिपब्लिकन्स ने "अव्यवस्था को चुना है." उन्होंने लिखा, "कोई गलतफहमी न रखें, रिपब्लिकन्स- हाउस, सीनेट और व्हाइट हाउस पर नियंत्रण रखते हैं. यह उनका बंद है. उनके पास शासन करने के लिए हर साधन था, फिर भी उन्होंने अव्यवस्था को चुना. इसकी कीमत अमेरिकी जनता चुका रही है. फंडिंग बिल पास कराने के लिए 100 सदस्यों वाले सीनेट में 60 वोटों की दरकार थी. रिपब्लिकन पार्टी के पास भले ही सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स, दोनों का नियंत्रण है, फिर भी बिल पास कराने में सात वोट कम पड़ गए.
डेमोक्रेटिक नेताओं ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात भी की, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए थे. मुलाकात के कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो शेयर किया था, जिसमें सदन के अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफ्रीज और सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर का मजाक उड़ाया गया. ट्रंप ने मंगलवार को डेमोक्रेट्स पर आरोप लगाना जारी रखा और कहा कि उन्होंने "उन्हें जरा भी झुकते नहीं देखा."
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2025 02:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

