चुनावों में मिली हार के बाद इस पार्टी ने AI को बनाया अपना नेता, इंसानी नेता की जगह अब मशीन बॉस
जापान की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. ‘पाथ टू रीबर्थ’ पार्टी ने घोषणा की है कि वह अपने मानव नेता को हटाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पार्टी का नया नेता (AI Leader) बनाएगी.
जापान की राजनीति में एक अनोखा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. ‘पाथ टू रीबर्थ’ पार्टी ने घोषणा की है कि वह अपने मानव नेता (Human Leader) को हटाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पार्टी का नया नेता (AI Leader) बनाएगी. यह फैसला दुनिया भर की राजनीति में AI के बढ़ते प्रभाव को दिखाता है. इस साल हुए अपर हाउस चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के संस्थापक और पूर्व मेयर शिंजी इशिमारू (Shinji Ishimaru) ने इस्तीफा दे दिया.
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इशिमारू के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व के लिए चुनाव हुआ, जिसमें कोकी ओकुमुरा नामक 25 वर्षीय डॉक्टोरल छात्र को नाममात्र का प्रमुख चुना गया. लेकिन ओकुमुरा ने स्पष्ट किया कि असली नेता AI होगा, जो पार्टी के अंदर संसाधनों के बंटवारे जैसे अहम फैसले लेगा.
AI की भूमिका क्या होगी
पार्टी ने कहा कि यह AI पार्टी के सदस्यों की राजनीतिक गतिविधियों पर सीधा नियंत्रण नहीं करेगा. इसकी भूमिका मुख्य रूप से निर्णय-निर्धारण और डेटा-आधारित फैसलों में रहेगी. इससे उम्मीद है कि पार्टी अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी नीतियां बना सकेगी.
पार्टी का अब तक का प्रदर्शन
‘पाथ टू रीबर्थ’ पार्टी ने पहले 2024 के टोक्यो गवर्नर चुनाव में ऑनलाइन कैंपेनिंग के जरिए सबका ध्यान खींचा था, लेकिन इसके बावजूद पार्टी अब तक कोई भी सीट नहीं जीत पाई है. टोक्यो असेंबली चुनावों में इसके सभी 42 उम्मीदवार हार गए, और अपर हाउस चुनाव में खड़े किए गए 10 उम्मीदवार भी सफल नहीं हुए.
दुनियाभर की राजनीती की में AI का बढ़ता ट्रेंड
जापान ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में AI को राजनीति में लाने के प्रयास हो रहे हैं. डेनमार्क में 2022 में लॉन्च हुई Synthetic Party AI के मार्गदर्शन में चलती है, जिसका उद्देश्य गैर-मतदाताओं की आवाज बनना है.
अल्बानिया (Albania) दुनिया का पहला देश बन गया है जिसने एआई से तैयार एक ‘वर्चुअल मंत्री’ (Virtual) को भ्रष्टाचार से निपटने के लिए जिम्मेदारी सौंपी है.
जापान में एक AI इंजीनियर और लेखक की टीम मिराई ने हाल ही में हाउस ऑफ काउंसिलर्स में आनुपातिक प्रतिनिधित्व वाली सीट जीती है.
यूके में 2023 के उपचुनाव के दौरान स्वतंत्र उम्मीदवार एंड्रयू ग्रे ने AI टूल्स की मदद से अपना घोषणापत्र तैयार किया था.
राजनीति का भविष्य AI नेता?
इस बदलाव के बीच अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या राजनीति में AI नेताओं का युग शुरू हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि AI डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम है, लेकिन राजनीति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है. इसमें भावनाएं, सहानुभूति और नैतिकता भी शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2025 07:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

