Silver Rate Today, January 10, 2026: इस महीने की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद, शनिवार 10 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों (Silver Rate) में मामूली गिरावट दर्ज की गई. वैश्विक जिंस बाजारों (Global Commodity Markets) में उतार-चढ़ाव और निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते कीमतों में यह सुधार देखा गया है. वर्तमान में चांदी देश के प्रमुख शहरों में ₹2.5 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक अस्थायी सुधार है और लंबी अवधि में चांदी के प्रति निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है. भारत के बड़े सर्राफा केंद्रों में आज चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 9, 2026: रिकॉर्ड स्तर से लुढ़की चांदी, दिल्ली-मुंबई सहित बड़े शहरों में कीमतों में बड़ी गिरावट; चेक करें आज का ताजा भाव
प्रमुख शहरों में आज चांदी के दाम (प्रति किलोग्राम)
| शहर | चांदी की दर (प्रति किलो) |
| दिल्ली | ₹2,51,450 |
| मुंबई | ₹2,51,880 |
| चेन्नई | ₹2,52,610 |
| हैदराबाद | ₹2,52,280 |
| बेंगलुरु | ₹2,52,080 |
| अहमदाबाद | ₹2,52,220 |
| कोलकाता | ₹2,51,550 |
| लखनऊ/नोएडा | ₹2,51,950 |
(नोट: ये कीमतें 999 शुद्धता वाली चांदी के लिए हैं। इनमें 3% जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं।)
कीमतों में बदलाव के मुख्य कारण
1 जनवरी 2026 से अब तक चांदी की कीमतों में करीब 4-5% की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। कीमतों में हो रहे इस उतार-चढ़ाव के पीछे निम्नलिखित वैश्विक कारक जिम्मेदार हैं:
- भू-राजनीतिक अनिश्चितता: अमेरिका और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं का रुख किया है.
- आपूर्ति में कमी: प्रमुख उत्पादक देशों द्वारा नए निर्यात नियंत्रणों के कारण बाजार में भौतिक चांदी की उपलब्धता कम हुई है.
- औद्योगिक मांग में उछाल: सोलर पावर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
निवेशकों के लिए आउटलुक: आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में चांदी की कीमतें अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, मुद्रा के उतार-चढ़ाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नीतिगत संकेतों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेंगी.
- सपोर्ट लेवल: ₹2,31,000 प्रति किलो (गिरावट की स्थिति में)
- रेसिस्टेंस लेवल: ₹2,75,000 प्रति किलो (तेजी की स्थिति में)
विश्लेषकों का कहना है कि 2026 की पहली छमाही के लिए आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) के लिए तैयार रहना चाहिए. मध्यम अवधि में बढ़ती औद्योगिक मांग कीमतों को एक मजबूत आधार (Price Floor) प्रदान कर रही है.













QuickLY