वायरल वीडियो के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: Payal Gaming और Zyan Cabrera जैसी इन्फ्लुएंसर्स को बनाया जा रहा है 'हथियार', रहें सावधान
एशियाई इन्फ्लुएंसर को वायरल बेट के तौर पर किया जाता है इस्तेमाल (File Pic)

नई दिल्ली/मनीला: एशिया के डिजिटल स्पेस में इन दिनों महिला इन्फ्लुएंसर्स (Female Influencers) को निशाना बनाकर एक बड़ा साइबर क्राइम सिंडिकेट (Cyber ​​Crime Syndicate) सक्रिय है. क्या आपको भी '19:34' या 'गोल्ड मेडलिस्ट' (Gold Medalist) स्कैंडल जैसे वीडियो के लिंक मिले हैं? सावधान हो जाइए, क्योंकि जिसे आप एक रैंडम स्कैंडल समझ रहे हैं, वह वास्तव में आपकी व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण चुराने के लिए बिछाया गया एक 'इंडस्ट्रियल साइबर ट्रैप' ('Industrial Cyber ​​Trap') है. विशेषज्ञों ने पाया है कि अपराधी महिला इन्फ्लुएंसर्स की छवि खराब कर पैसे कमाने और डेटा चोरी करने के लिए डीपफेक तकनीक का सहारा ले रहे हैं.  यह भी पढ़ें: फिलीपींस में डिजिटल हड़कंप: ‘Gold Medalist’ वीडियो स्कैम और Deen Chase S*x Scandal के दावों ने बढ़ाई चिंता

टाइमस्टैम्प का जाल: क्यों इस्तेमाल हो रहे हैं अजीब नंबर?

इस स्कैम की सबसे बड़ी पहचान 'विशिष्ट टाइमस्टैम्प' (जैसे 19:34, 4:47) का इस्तेमाल है. साइबर अपराधियों का मानना है कि 'फुल वीडियो' लिखने के बजाय अगर वे कोई सटीक समय बताते हैं, तो यूजर को लगता है कि वीडियो वास्तविक और कच्चा (Raw) है.

  • पायल गेमिंग (भारत): भारतीय गेमिंग स्टार पायल गेमिंग के नाम पर '19 मिनट 34 सेकंड' का एक वीडियो वायरल किया गया. असल में यह एक 'डीपफेक लूप' है, जहां एआई द्वारा बनाए गए एक छोटे क्लिप को बार-बार दोहराकर फाइल का साइज बड़ा कर दिया जाता है.
  • अलीना आमिर (पाकिस्तान): इनके नाम पर "4:47" सेकंड के वीडियो का दावा किया गया, लेकिन टेलीग्राम लिंक से डाउनलोड होने वाली फाइल असल में एक खतरनाक वायरस है.

इवेंट हाईजैकिंग और 'गोल्ड मेडलिस्ट' स्कैम

दक्षिण-पूर्व एशिया में स्कैमर्स ने एक अलग तरीका अपनाया है. वे प्रमुख वैश्विक आयोजनों का सहारा ले रहे हैं.

जियान कब्रेरा (फिलीपींस): फिलीपींस की मशहूर इन्फ्लुएंसर जियान कब्रेरा के वीडियो को 'GOLD MEDALIST Scandal' के टैग के साथ फैलाया गया। अपराधियों ने 2026 विंटर ओलंपिक्स की सर्च ट्रैफिक का फायदा उठाने के लिए 'गोल्ड मेडलिस्ट' शब्द का इस्तेमाल किया. इन लिंक्स पर क्लिक करते ही यूजर्स के फेसबुक लॉगिन क्रेडेंशियल्स चोरी करने के लिए फिशिंग पेज खुल जाते हैं.

कॉन्टेक्स्ट हाईजैकिंग: पुराने वीडियो को नया मोड़

जब डीपफेक उपलब्ध नहीं होता, तो अपराधी 'कॉन्टेक्स्ट हाईजैकिंग' का सहारा लेते हैं. इसमें किसी इन्फ्लुएंसर के पुराने या साधारण वीडियो को भ्रामक कैप्शन के साथ पेश किया जाता है.

  1. मैरी और उमैर (पाकिस्तान): इस कपल के एक पुराने और साधारण वीडियो को '7:11' टाइमस्टैम्प के साथ 'प्राइवेट स्कैंडल' बताकर वायरल किया गया.
  2. सेनोरीटा (पाकिस्तान): इनके रोने वाले एक पुराने ड्रामा वीडियो को 'लीक पर प्रतिक्रिया' के रूप में पेश किया गया, जबकि वास्तविकता में ऐसा कोई स्कैंडल था ही नहीं.

स्कैम का सारांश: मुख्य मामले और उनका सच

इन्फ्लुएंसर क्षेत्र वायरल टाइमस्टैम्प वास्तविकता (Verdict) खतरा
पायल गेमिंग भारत 19:34 डीपफेक लूप (AI जनरेटेड) भ्रामक सूचना
जियान कब्रेरा फिलीपींस विभिन्न फिशिंग ट्रैप (फेसबुक हैकिंग) अकाउंट हैकिंग
विंडा कैन इंडोनेशिया 7:45 मालवेयर ट्रैप (खतरनाक लिंक) डेटा चोरी
आरोही मीम बांग्लादेश 3:24 अवैध सट्टेबाजी ऐप (APK) आर्थिक धोखाधड़ी

सुरक्षा चेतावनी: जाल में फंसने से कैसे बचें?

  1. टाइमस्टैम्प पर भरोसा न करें: 19:34 जैसे सटीक नंबर वीडियो के असली होने का सबूत नहीं, बल्कि स्कैम का संकेत हैं.
  2. सर्च बंद करें: ऐसी सामग्री खोजने के चक्कर में आप अनजाने में मालवेयर डाउनलोड कर सकते हैं या अपने पासवर्ड खो सकते हैं.
  3. सोर्स की जांच करें: अगर वीडियो केवल सनसनीखेज कैप्शन के साथ है, तो यह 'कॉन्टेक्स्ट हाईजैक' हो सकता है. यह भी पढ़ें: Gold Medalist Viral Video Scandal: जियान कैबरेरा 'गोल्ड मेडलिस्ट' वीडियो स्कैम, फेसबुक और टेलीग्राम पर वायरल लिंक को क्लिक करना क्यों है खतरनाक?

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद से है ताकि इस टॉपिक के बारे में अवेयरनेस बढ़ाई जा सके.

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