मुंबई: 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) की जज और एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स (Emcure Pharmaceuticals) की कार्यकारी निदेशक नमिता थापर (Namita Thapar) ने पिछले तीन हफ्तों से सोशल मीडिया (Social Media) पर हो रही अपनी और अपने परिवार की निजी ट्रोलिंग पर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को जारी एक वीडियो बयान में नमिता ने उन ट्रोलर्स की आलोचना की, जो 'नमाज़' के स्वास्थ्य लाभों पर आधारित उनके एक वीडियो को लेकर उन्हें निशाना बना रहे थे. खुद को एक 'गर्वित हिंदू' बताते हुए उन्होंने धार्मिक सम्मान और महिलाओं के प्रति मर्यादित व्यवहार की वकालत की है. यह भी पढ़ें: Hazaribagh Communal Harmony: हजारीबाग में मानवता की मिसाल, मुस्लिम जनाज़े के सम्मान में हिंदू श्रद्धालुओं ने DJ संगीत रोका, भाईचारे का दिया संदेश; VIDEO वायरल
क्या था विवाद का मुख्य कारण?
इस विवाद की शुरुआत मार्च 2026 में हुई थी, जब नमिता ने एक वीडियो साझा किया था जिसमें नमाज़ के दौरान की जाने वाली शारीरिक मुद्राओं के स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया गया था. एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर (Healthcare Professional) के रूप में उन्होंने बताया था कि ये मुद्राएं लचीलापन और रक्त संचार बढ़ाने में मदद करती हैं.
उन्होंने विशेष रूप से 'वज्रासन' मुद्रा का उल्लेख किया था, जो पाचन में सहायक मानी जाती है, साथ ही एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य के लाभों पर भी चर्चा की थी. हालांकि, सोशल मीडिया के एक वर्ग ने दूसरे धर्म की प्रथा पर चर्चा करने के लिए उनकी आलोचना शुरू कर दी, जो धीरे-धीरे भद्दे और निजी हमलों में बदल गई.
नमिता थापर ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब
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'दोहरे मापदंड' पर उठाए सवाल
मुंबई यात्रा के दौरान रिकॉर्ड किए गए अपने वीडियो में नमिता ने ट्रोलिंग के 'दोहरे मापदंड' को उजागर किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने अतीत में कई बार हिंदू रीति-रिवाजों, योगासनों और सूर्य नमस्कार के वैज्ञानिक लाभों पर रील बनाई हैं, लेकिन तब किसी ने उन पर सवाल नहीं उठाया.
नमिता ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बेहद अपमानजनक और लैंगिक शब्दों (Gendered Abuse) का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने महिला आरक्षण बिल जैसी चर्चाओं का हवाला देते हुए कहा कि जब एक महिला को सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, तब समाज की चुप्पी निराशाजनक होती है।
'कर्म' और हिंदू दर्शन की याद दिलाई
नमिता ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके लिए धर्म का अर्थ 'सम्मान' है। उन्होंने विरोधियों को हिंदू दर्शन के 'कर्म' सिद्धांत की याद दिलाते हुए कहा, "याद रखें, हिंदू धर्म में कर्म की अवधारणा है और मुझे हिंदू होने पर गर्व है।" उन्होंने आगे कहा कि पांच साल पहले टेलीविजन पर आने के बाद से वह ट्रोलिंग की आदी हो चुकी हैं, लेकिन इस बार पानी सिर के ऊपर जा चुका था, इसलिए बोलना जरूरी था.
मानवता और देशभक्ति का संदेश
नमिता ने अपने बयान का अंत 'जय हिंद' के साथ किया और इसे किसी धार्मिक बहस के बजाय मानवता और बुनियादी मानवाधिकारों की रक्षा के रूप में पेश किया. उन्होंने अपने प्रशंसकों से आग्रह किया कि वे सम्मान के संदेश को भी उसी तरह वायरल करें, जैसे नकारात्मक सामग्री को किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत होते देख चुप रहना अब उनके लिए संभव नहीं है.













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