Hazaribagh Communal Harmony: हजारीबाग में मानवता की मिसाल, मुस्लिम जनाज़े के सम्मान में हिंदू श्रद्धालुओं ने DJ संगीत रोका, भाईचारे का दिया संदेश; VIDEO वायरल
Viral Video (Photo Credit: @ak_vlogg_)

Hazaribagh Communal Harmony: झारखंड के हजारीबाग जिले से सांप्रदायिक सौहार्द की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है. रामनवमी 2026 के उत्सव के दौरान, एक विशाल हिंदू धार्मिक जुलूस ने मुस्लिम समुदाय के एक जनाजे को सम्मान देने के लिए न केवल अपना तेज बजता डीजे (DJ) बंद कर दिया, बल्कि पूरी तरह रुककर रास्ता भी खाली कर दिया. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देश भर में लोग 'गंगा-जमुनी तहजीब' के इस उदाहरण की सराहना कर रहे हैं.

आस्था के बीच मानवीय संवेदना की मिसाल

हजारीबाग अपनी भव्य रामनवमी शोभायात्राओं के लिए जाना जाता है, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु और बड़े-बड़े डीजे शामिल होते हैं. 29 मार्च 2026 को जब जुलूस शहर की मुख्य सड़क से गुजर रहा था, तभी विपरीत दिशा से एक मुस्लिम अंतिम यात्रा (जनाजा) वहां पहुंची. स्थिति को देखते हुए, श्रद्धालुओं ने तुरंत डीजे ऑपरेटरों को संगीत बंद करने का इशारा किया.  यह भी पढ़े:  Tamil Nadu: मानवता की मिसाल, आधी रात परेशान महिला ने मंगवाई चूहे मारने की दवा, ऑर्डर के बाद ब्लिंकिट डिलीवरी एजेंट ने देने से किया इनकार, पुलिस को सूचना देकर बचाई जान; VIDEO

देखते ही देखते, भगवा झंडों से घिरा पूरा हुजूम शांत हो गया. लोगों ने स्वतः स्फूर्त तरीके से सड़क के किनारों पर कतारें बना लीं ताकि जनाजे को निकलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके. इस दौरान कई श्रद्धालुओं को सिर झुकाकर मौन खड़े देखा गया, जो शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे थे.

हजारीबाग में मानवता की मिसाल

प्रशासनिक आदेश नहीं, आपसी सम्मान का भाव

गौरतलब है कि इस वर्ष प्रशासन ने सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीजे के शोर को लेकर कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे. हालांकि, वायरल वीडियो में दिख रहा यह व्यवहार किसी कानूनी बाध्यता का परिणाम नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आपसी संवेदनशीलता थी.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जहां अक्सर डीजे और प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक बहस होती है, वहीं जमीन पर हजारीबाग का माहौल हमेशा से आपसी भाईचारे का रहा है. एक स्थानीय नागरिक ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा, "यही असली हजारीबाग है. हम खुशियों में साथ झूमते हैं और दुख में एक-दूसरे का सम्मान करते हैं."

'हजारीबाग मॉडल' की सोशल मीडिया पर चर्चा

डिजिटल क्रिएटर @ak_vlogg_ द्वारा साझा किया गया यह वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर करोड़ों बार देखा जा चुका है. नेटिज़न्स अब इसे '#HazaribaghModel' के रूप में प्रचारित कर रहे हैं.

प्रभावशाली हस्तियों और आम नागरिकों ने इस वीडियो को साझा करते हुए इसे आज के दौर में "मरहम" जैसा बताया है. लोगों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह साबित करती हैं कि धार्मिक रीति-रिवाजों से ऊपर मानवता का स्थान है. भारत की विविधता और एकता का यह संदेश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा बटोर रहा है.