Fact Check: फिल्म के शूटिंग क्लिप को बताया गैंगरेप का वीडियो, दोषियों के खिलाफ हुई फांसी की मांग; ऐसे सामने आई सच्चाई
Photo- monalisa_____official_008/Insta

Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी और कुछ लोग एक घायल महिला के पास खड़े दिखाई देते हैं. दावा किया जा रहा है कि झारखंड में 6 युवकों ने महिला के साथ गैंगरेप किया और फिर उसे जंगल में फेंक कर मार डाला. यह वीडियो देखकर कई लोग भड़क गए हैं और सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं. लेकिन जब इस वीडियो की सच्चाई जांची गई, तो मामला कुछ और ही निकला.

वायरल वीडियो की जांच में पता चला कि यह किसी असली घटना का हिस्सा नहीं, बल्कि एक फिल्म की शूटिंग का वीडियो है.

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वीडियो को गलत एंगल से किया जा रहा शेयर

शूटिंग के वीडियो को बताया रेप का वीडियो

 

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एक्टर ने बताया यह फिल्म का वीडियो है

शूटिंग का एक अलग एंगल भी देखिए

 

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यह “Lujeg” नामक फिल्म की शूटिंग का सीन

जांच में सामने आया कि इस वीडियो का असली सोर्स एक इंस्टाग्राम पोस्ट है, जो 14 मई को किया गया था. पोस्ट में साफ बताया गया है कि यह “Lujeg” नामक फिल्म की शूटिंग का सीन है. वीडियो के आगे के हिस्सों में साफ दिखाई देता है कि पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे लोग एक महिला को एम्बुलेंस तक ले जा रहे हैं. इस दौरान एक व्यक्ति कैमरा लेकर इन सब सीन की शूटिंग कर रहा है.

इस वीडियो को Mg Prodip Panging नामक एक एक्टर ने अपलोड किया था, जो इस फिल्म में काम कर रहे हैं. यही नहीं, एक अन्य कैमरा एंगल से शूट किया गया वीडियो भी मिला, जिसमें शूटिंग के दौरान एक महिला कलाकार हँसती नजर आती है, जो किसी भी असली घटना में संभव नहीं होता.

कई और वीडियो और पोस्ट भी मिले

इसके अलावा, Lujeg फिल्म से जुड़े कई और वीडियो और पोस्ट भी इंटरनेट पर मिले हैं. एक वीडियो में वही महिला जो घायल बनी हुई थी, खुद एम्बुलेंस में बैठकर अपने चेहरे पर मास्क लगाती नजर आती है.

साथ ही एक यूट्यूब वीडियो में फिल्म के पोस्टर के साथ पूरी टीम एक कार्यक्रम में भाग लेते दिखती है, जिसमें कुछ लोग पुलिस की वर्दी में भी हैं. इससे साफ हो गया कि वायरल वीडियो किसी जघन्य अपराध से नहीं, बल्कि एक क्राइम बेस्ड फिल्म की शूटिंग से जुड़ा है.

वायरल वीडियो शेयर करने से पहले सच्चाई जानें

फेक खबरें फैलाने वालों को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्यों बिना जांच के किसी फिल्म के सीन को असली घटना बताकर लोगों की भावनाओं से खेला जा रहा है. अंत में यही कहना होगा, सोशल मीडिया पर कोई भी वीडियो देखने के बाद, उसे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें.