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नाशिक के आराई गांव में 'एआई भूत' का खौफ: पुलिस ने किया पर्दाफाश, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

नाशिक के आराई गांव में सोशल मीडिया पर वायरल हुए 'भूत' के वीडियो और फोटो के कारण फैले डर को पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है. जांच में सामने आया है कि ये डरावने विजुअल्स आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाए गए थे.

नाशिक के आराई गांव में 'एआई भूत' का खौफ: पुलिस ने किया पर्दाफाश, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
अराई भूत की अफवाहों का खंडन (Photo Credits: Instagram/@)

 

नाशिक: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नाशिक जिले (Nashik) के सटाणा (बागलाण) (Baglan) (Satana) तालुका स्थित आराई गांव (Arai Village) में पिछले कुछ दिनों से फैला 'अदृश्य शक्ति' का डर अब खत्म हो गया है. सोशल मीडिया पर एक 'सफेद साये' (White, Shadowy Figure) के वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत थी. गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को पुलिस ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि ये सभी विजुअल्स नकली हैं और इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके समाज में डर फैलाने के लिए बनाया गया था. यह भी पढ़ें: Viral Video: मोबाइल की बैटरी चबाना बच्चे को पड़ा भारी, मुंह में हुआ जोरदार धमाका; रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल

व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फैला 'डिजिटल भूत'

फरवरी की शुरुआत से ही व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कुछ धुंधली लेकिन डरावनी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगे थे। इन पोस्ट में दावा किया गया था कि आराई गांव की सीमाओं, खुले खेतों और निर्जन इलाकों में रात के समय एक 'सफेद साया' या भूत घूम रहा है. वीडियो इतने वास्तविक लग रहे थे कि ग्रामीणों ने इसे सच मान लिया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. यह भी पढ़ें: बिजनौर के रेस्टोरेंट में प्राइवेसी स्कैंडल: केबिन में छिपे कैमरे से कपल्स के वीडियो बना रहा था स्टाफ, ब्लैकमेलिंग का खेल उजागर

डर के साये में 'रात्रि जागरण' और ठप हुई खेती

इस अफवाह का असर गांव के जनजीवन पर बहुत गहरा पड़ा:

पुलिस का खुलासा: 'एआई' का था हाथ

मामले की गंभीरता को देखते हुए सटाणा पुलिस ने गांव में डेरा डाला। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ रात में गश्त की और उन सभी जगहों की तलाशी ली जहां भूत दिखने का दावा किया गया था.

जांच के नतीजे: सटाणा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक योगेश पाटिल ने बताया कि जांच में कोई भी संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली.

फेक न्यूज़: प्रारंभिक जांच में पता चला कि वायरल फोटो एआई प्रॉम्प्ट्स के जरिए तैयार किए गए थे.  कुछ वीडियो अन्य राज्यों के पुराने और असंबंधित घटनाओं के थे, जिन्हें आराई गांव का बताकर एडिट किया गया था.

ग्रामसभा में चेतावनी और शांति की अपील

स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए गुरुवार को गांव में एक विशेष ग्रामसभा आयोजित की गई. पुलिस ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि आईटी एक्ट (IT Act) के तहत डरावनी अफवाहें फैलाना और बिना पुष्टि के वीडियो फॉरवर्ड करना दंडनीय अपराध है.  पुलिस अब उन शरारती तत्वों की पहचान कर रही है जिन्होंने सबसे पहले इन एआई-जनरेटेड वीडियो को वायरल किया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2026 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).