Aastha Jain: शामली में परचून की दुकान चलाने वाले की बेटी आस्था जैन ने रचा इतिहास! UPSC में हासिल की ऑल इंडिया 9वीं रैंक, अब बनेंगी IAS
उत्तर प्रदेश के शामली की रहने वाली आस्था जैन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देशभर में 9वीं रैंक हासिल की है. एक परचून व्यापारी की बेटी आस्था वर्तमान में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही हैं, लेकिन उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में आईएएस बनने का सपना पूरा कर लिया है.
शामली, 7 मार्च: उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला कस्बे की रहने वाली आस्था जैन (Aastha Jain) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में 9वीं रैंक हासिल की है. शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को घोषित हुए नतीजों में आस्था ने टॉप-10 में जगह बनाकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. आस्था के पिता अजय जैन कांधला के बड़ा बाजार में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास एक छोटी सी परचून और कन्फेक्शनरी की दुकान चलाते हैं.
IPS ट्रेनिंग के साथ पूरा किया IAS का सपना
आस्था के लिए यह सफलता उनके अटूट संघर्ष और धैर्य का परिणाम है. यह उनका यूपीएससी में तीसरा प्रयास था. इससे पहले, उन्होंने 2023 की परीक्षा में 131वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ था. वर्तमान में वह हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही हैं. ट्रेनिंग की व्यस्तताओं के बीच भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2025 की परीक्षा में 9वीं रैंक प्राप्त कर अपना आईएएस (IAS) बनने का सपना सच कर दिखाया. यह भी पढ़े: P: रात दिन एक किया, बिना कोचिंग के UPSC में हासिल की 28वीं रैंक; अमेठी के आदर्श पांडेय बने युवाओं के लिए प्रेरणा
बचपन से ही रही हैं मेधावी
आस्था बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा कांधला से की और फिर शामली के स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं की परीक्षा दी. साल 2019 में उन्होंने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 496 अंक प्राप्त कर देश भर में चौथा स्थान हासिल किया था. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गईं.
सादगी और मेहनत बनी सफलता का मंत्र
आस्था की सफलता का श्रेय उनकी कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग को जाता है. उनके पिता अजय जैन ने बताया कि आस्था ने ज्यादातर सेल्फ स्टडी (स्वयं अध्ययन) पर ही भरोसा किया. दिल्ली में कुछ समय कोचिंग लेने के बाद उन्होंने अपनी रणनीति खुद तैयार की. जैसे ही उनके चयन की खबर कस्बे में पहुंची, खुशी की लहर दौड़ गई. उनके पिता ने बाजार में मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया और बताया कि उनकी बेटी ने साबित कर दिया कि एक छोटे शहर से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं.
परिवार का पूरा सहयोग
आस्था के परिवार में तीन बहनें और एक भाई है, जिनमें वह दूसरे नंबर पर हैं. उनकी बड़ी बहन डॉक्टर हैं, जबकि तीसरी बहन भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है. आस्था की मां ममता जैन एक गृहिणी हैं. परिवार ने हमेशा आस्था की शिक्षा को प्राथमिकता दी और उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया. हैदराबाद से फोन पर बात करते हुए आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहनों और शिक्षकों को दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 07, 2026 12:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

