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Eid Ul Fitr Kyu Manai Jati Hai: भारत में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद, जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहार और इसका इतिहास

ईद-उल-फित्र सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि पूरे महीने की इबादत और त्याग के बाद मिलने वाली खुशी और सुकून का दिन होता है. यह दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करने, अपने गुनाहों की माफी मांगने और समाज में भाईचारा, प्रेम और एकता का संदेश फैलाने का अवसर देता है. रमजान के दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने अंदर धैर्य, सहनशीलता और दूसरों के प्रति करुणा विकसित करते हैं.

Eid Ul Fitr Kyu Manai Jati Hai: भारत में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद, जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहार और इसका इतिहास
Eid al-Fitr 2026 Moon Sighting (Photo Credits: Pexels)

Eid Ul Fitr 2026: ईद-उल-फित्र इस्लाम धर्म का एक बेहद पवित्र और खास त्योहार है, जिसे पूरी दुनिया में बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. साल 2026 में भारत में ईद-उल-फित्र 21 मार्च को मनाई जाएगी, क्योंकि शव्वाल का चांद 19 मार्च की शाम को देश में कहीं भी नजर नहीं आया. यह त्योहार रमजान के महीने के खत्म होने का प्रतीक होता है, जो आत्मसंयम, इबादत, दान और इंसानियत का महीना माना जाता है. रमजान के दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने अंदर धैर्य, सहनशीलता और दूसरों के प्रति करुणा विकसित करते हैं. Eid 2026 Moon Sighting In India Live News Updates: भारत में नहीं दिखा चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद-उल-फित्र

ईद-उल-फित्र सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि पूरे महीने की इबादत और त्याग के बाद मिलने वाली खुशी और सुकून का दिन होता है. यह दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करने, अपने गुनाहों की माफी मांगने और समाज में भाईचारा, प्रेम और एकता का संदेश फैलाने का अवसर देता है. रमजान के दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, दिनभर भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने अंदर धैर्य, सहनशीलता और दूसरों के प्रति करुणा विकसित करते हैं. ऐसे में ईद-उल-फित्र सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि पूरे महीने की इबादत और त्याग के बाद मिलने वाली खुशी और सुकून का दिन होता है.

यह दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करने, अपने गुनाहों की माफी मांगने और समाज में भाईचारा, प्रेम और एकता का संदेश फैलाने का अवसर देता है. ईद के मौके पर लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और खुशियां साझा करते हैं, जिससे समाज में आपसी सौहार्द और मजबूत होता है.

ईद-उल-फित्र का इतिहास

ईद-उल-फित्र की शुरुआत पैगंबर हज़रत मुहम्मद के समय से मानी जाती है. कहा जाता है कि जब वे मदीना पहुंचे, तो वहां के लोगों को दो खास दिनों पर जश्न मनाते देखा. तब उन्होंने बताया कि अल्लाह ने इन दिनों के बदले मुसलमानों को दो बेहतर दिन दिए हैं—ईद-उल-फित्र और ईद-उल-अजहा. इसके बाद से ईद-उल-फित्र मनाने की परंपरा शुरू हुई.

ईद क्यों मनाई जाती है

ईद-उल-फित्र रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद मनाई जाती है. इस महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत, रोजा, दान और संयम का पालन करते हैं. ईद का दिन इन इबादतों के पूरा होने की खुशी में मनाया जाता है. यह दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करने और समाज में भाईचारा बढ़ाने का संदेश देता है.

ईद का धार्मिक महत्व

यह दिन रमजान के रोजों के पूरा होने की खुशी का प्रतीक है

ईद से पहले गरीबों को जकात-उल-फित्र दी जाती है

सुबह ईद की नमाज अदा की जाती है

लोग एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं.

ईद कैसे मनाई जाती है

ईद के दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिद या ईदगाह में नमाज अदा करते हैं और घरों में मीठे पकवान जैसे सेवइयां बनाई जाती हैं. परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां बांटी जाती हैं और जरूरतमंदों की मदद की जाती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2026 03:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).