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Eid-ul-Fitr 2026: दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उत्तम नगर में सुरक्षा सख्त, जामा मस्जिद समेत कई इलाकों में पुलिस का कड़ा पहरा

दिल्ली हाईकोर्ट ने ईद-उल-फितर के दौरान हिंसा की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस को उत्तम नगर क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. यह सुरक्षा व्यवस्था राम नवमी तक जारी रखने का आदेश दिया गया है.

Eid-ul-Fitr 2026: दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उत्तम नगर में सुरक्षा सख्त, जामा मस्जिद समेत कई इलाकों में पुलिस का कड़ा पहरा
दिल्ली पुलिस (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: देश की राजधानी में ईद-उल-फितर (Eid-ul-Fitr) के पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के कड़े निर्देशों के बाद शनिवार, 21 मार्च को उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन (Uttam Nagar East Metro Station) और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल (Police Force)तैनात किया गया है. अदालत ने हिंसा की आशंका वाली याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस (Dlehi Police) को पर्याप्त इंतजाम करने और इस संबंध में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. यह भी पढ़ें: Eid-ul-Fitr 2026: देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है ईद-उल-फितर, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने दी देशवासियों को मुबारकबाद

उत्तम नगर से राम नवमी तक कड़ा पहरा

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के ये कड़े इंतजाम केवल ईद तक ही सीमित नहीं रहेंगे. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि उत्तम नगर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को आगामी 'राम नवमी' के त्योहार तक इसी तरह बनाए रखा जाए. इस मामले की अगली सुनवाई अब 6 अप्रैल को तय की गई है. पुलिस बल की तैनाती का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना है.

हाई कोर्ट के निर्देशों पर दिल्ली पुलिस ने उत्तम नगर मेट्रो के पास सुरक्षा बढ़ाई 

जामा मस्जिद और पुरानी दिल्ली में रौनक

इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में भी सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया था. ईद की पूर्व संध्या पर जामा मस्जिद के आसपास के बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखी जा रही है. लोग नए कपड़े, सेवइयां और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में उमड़ रहे हैं. पुलिस की टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है.

रमजान: इबादत और अनुशासन का महीना

इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने रमजान को सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने में पवित्र कुरान पहली बार धरती पर अवतरित हुआ था. पूरे एक महीने तक रोजेदार सूर्योदय से पहले 'सहरी' (लगभग सुबह 4:45 बजे तक) करते हैं और फिर दिन भर बिना पानी की एक बूंद पिए उपवास रखते हैं.

इस दौरान दिन में पांच वक्त की नमाज का विशेष महत्व है, जिन्हें फजर, जोहर, असर, मगरीब और ईशा के नाम से जाना जाता है. शाम को मगरीब की नमाज के समय (लगभग शाम 6 बजे के बाद) इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है.

ईद-उल-फितर: खुशियों और दान का पर्व

रमजान के कठिन उपवासों के बाद ईद-अल-फितर का त्योहार 'रोजा खोलने' के जश्न के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व न केवल लजीज पकवानों और मेल-मिलाप का अवसर है, बल्कि यह इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक 'दान' (जकात/फितरा) पर भी जोर देता है. इस दिन परिवार और दोस्त एक साथ भोजन करते हैं और गरीबों को विशेष उपहार व अनाज दान किया जाता है ताकि वे भी खुशियों में शामिल हो सकें.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 21, 2026 12:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).