Eid-ul-Fitr 2026: पवित्र महीने रमजान (Ramzan) के समापन का प्रतीक 'ईद-उल-फितर' (Eid-ul-Fitr) आज शनिवार, 21 मार्च को भारत सहित दुनिया भर में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा करने के साथ ही उत्सव की शुरुआत हुई. हालांकि, पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में जारी संघर्ष के कारण वहां समारोहों का रंग थोड़ा फीका है. भारत में इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, और लोग एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दे रहे हैं. इस अवसर पर पीएम मोदी (PM Narendra Modi) और राष्ट्रपति मुर्मू (President Draupadi Murmu) ने समस्त देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी है.
ईद-उल-फितर के इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को मुबारकबाद दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा है- ‘ईद-उल-फितर की हार्दिक शुभकामनाएं. कामना है कि यह दिन हर ओर भाईचारे और नेकी को बढ़ावा दे. सभी लोग खुश और स्वस्थ रहें. ईद मुबारक!’ यह भी पढ़ें: Ramzan Eid Mubarak 2026 Messages: ईद मुबारक! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Shayaris, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS
पीएम मोदी ने दी ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं
Best wishes on Eid-ul-Fitr. May this day further brotherhood and kindness all around. May everyone be happy and healthy.
Eid Mubarak!
— Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026
वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर लिखा है- ‘ईद-उल-फ़ित्र के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई. यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार एवं वंचित वर्गों के प्रति दया का भाव रखने की सीख देता है. आइए इस अवसर पर हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें.’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी ईद की मुबारकबाद
ईद-उल-फ़ित्र के मुबारक मौके पर सभी देशवासियों, विशेषकर मुस्लिम बहनों और भाइयों को हार्दिक बधाई। यह त्योहार आत्मसंयम, सेवा, परोपकार एवं वंचित वर्गों के प्रति दया का भाव रखने की सीख देता है। आइए इस अवसर पर हम समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लें।
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 21, 2026
रमजान और कुरान का अवतरण
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के नौवें महीने 'रमजान' को इस्लाम में सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद को फरिश्ते जिब्रील के माध्यम से पवित्र ग्रंथ कुरान का इल्हाम (अवतरण) हुआ था. पूरे महीने मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं, इबादत करते हैं और आत्म-अनुशासन व आध्यात्मिक चिंतन पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
शव्वाल का चांद और उत्सव की शुरुआत
ईद-उल-फितर का अर्थ है 'उपवास तोड़ने का त्योहार'. यह शव्वाल महीने के पहले दिन मनाया जाता है, जो अर्धचंद्राकार चांद (Crescent Moon) के दीदार के बाद तय होता है. चूंकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों में भौगोलिक स्थितियों के कारण ईद की तारीख में एक दिन का अंतर हो सकता है.
नमाज और दान का महत्व
ईद के दिन की शुरुआत सूर्योदय के कुछ समय बाद सामूहिक नमाज के साथ होती है. इस विशेष नमाज में पारंपरिक 'अजान' नहीं होती, बल्कि खुदा की प्रशंसा में अतिरिक्त तकबीरें पढ़ी जाती हैं. नमाज के लिए जाने से पहले 'जकात-अल-फितर' (दान) देना अनिवार्य है, ताकि समाज का गरीब तबका भी खुशियों में बराबर का शरीक हो सके. यह भी पढ़ें: Eid Mubarak 2026 Best AI Prompts: रचनात्मक शुभकामनाओं के लिए बेहतरीन AI प्रॉम्प्ट्स और कैनवा टेम्पलेट्स
परंपराएं और मेल-मिलाप
प्रथा के अनुसार, नमाज पर जाने से पहले खजूर या कुछ मीठा खाना शुभ माना जाता है. लोग नए और अपने सबसे अच्छे कपड़े पहनते हैं. यह दिन परिवार और दोस्तों के साथ मिलने, उपहारों के लेन-देन और लजीज पकवानों का स्वाद चखने का होता है। बच्चों को बड़ों से 'ईदी' (उपहार या पैसे) मिलती है, जो उत्सव के आनंद को दोगुना कर देती है.
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इतिहास के अनुसार, ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर मोहम्मद ने 624 ईस्वी में मदीना में की थी. यह हिजरत (प्रवास) के बाद पहले रमजान के रोजों के पूरा होने की खुशी में मनाया गया था. पैगंबर ने ईद-उल-फितर और ईद-अल-अधा को इस्लाम के दो आधिकारिक त्योहारों के रूप में नामित किया था.
गहरा आध्यात्मिक संदेश
केवल जश्न से परे, ईद-उल-फितर कृतज्ञता का समय है. यह अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का अवसर है कि उन्होंने पूरे महीने रोजा रखने की शक्ति प्रदान की. यह त्योहार करुणा और सहानुभूति पर जोर देता है, जो हमें कम भाग्यशाली लोगों की मदद करने और सामुदायिक संबंधों को मजबूत करने की याद दिलाता है. विश्वास, एकता और उदारता के ये मूल्य आज भी इस पर्व के केंद्र में हैं.












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