पापमोचनी एकादशी हिंदू पंचांग के अनुसार साल की 24 एकादशियों में सबसे अंतिम और महत्वपूर्ण एकादशी होती है. अपने नाम के अनुरूप इस एकादशी पर उपवास एवं भगवान विष्णु की पूजा-अनुष्ठान करने से जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं, साथ ही जातक भविष्य में पाप नहीं करने के लिए प्रेरित होते हैं, इस वर्ष पापमोचनी एकादशी व्रत 25 मार्च 2025 को मनाई जाएगी. यहां हम उन उपायों की बात करेंगे, जिसके करने से आपकी तमाम तरह की बाधाएं एवं कष्ट दूर हो सकती है. आइये जानें क्या हैं वे छह उपाय
आर्थिक संकट के समाधान हेतुः पापमोचनी एकादशी के दिन उपवासी व्यक्ति अगर भगवान विष्णु के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाकर बेसन के लड्डू का भोग लगाये, और इस मंत्र 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का जाप करें, तो उसके जीवन में चल रही धन संबंधी समस्याओं का निराकरण हो सकता है. यह भी पढ़ें : Papmochini Ekadashi 2025: पापमोचिनी एकादशी को दिव्य एकादशी क्यों कहते हैं? जानें इस एकादशी के नियम, मुहूर्त, पूजा-विधि एवं व्रत-कथा!
वैवाहिक जीवन में मतभेदः आपके दांपत्य जीवन में अगर किसी तरह का मनमुटाव, विवाद अथवा खटास चल रहा है, तो पापमोचनी एकादशी के दिन पूजा के पश्चात पांच सुहागन महिलाओं को घर पर आमंत्रित कर केसर की खीर खिलाएं, इससे वैवाहिक जीवन में चल रही समस्या का समाधान हो सकता है.
दफ्तर या व्यवसाय में नुकसानः नौकरी में तरक्की, वेतन-वृद्धि में बाधा या व्यवसाय में लगातार मंदी चल रही है तो पापमोचनी एकादशी के दिन स्नान-ध्यान के पश्चात पूजा-अनुष्ठान करते समय विष्णु जी को हल्दी की एक छोटी गांठ चढ़ाएं. अगले दिन उसे पीले कपड़े में बांधकर अपने पास रख लें. स्थिति बदलेगी.
जीवन में नकारात्मकता जीवन में नकारात्मकता बनी हुई है तो आपके बनते काम बिगड़ने लगते हैं. ऐसी स्थिति से मुक्ति के लिए पापमोचनी एकादशी के दिन स्नान-दान के पश्चात भगवान विष्णु को केसर मिला दूध अर्पित करें, इसके पश्चात उनकी आरती उतारकर केसर मिले दूध को परिवार में वितरित कर दें.
बच्चों की अच्छी शिक्षा और अच्छी सेहत हेतुः पापमोचनी एकादशी पर स्नान आदि के पश्चात श्रीहरि की पूजा करते समय अपने बच्चों को भी साथ बिठाएं (उन्हें व्रत की जरूरत नहीं). उन्हें पीला चंदन लगाएं, पूजा-अनुष्ठान में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करें. इससे उनकी शैक्षणिक स्थिति आध्यात्मिकता एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता में वृद्धि होगी.
फंसे हुए धन की वापसी हेतुः पापमोचनी एकादशी को स्नान-ध्यान के पश्चात भगवान विष्णु की पूजा करते समय एक गोमती चक्र चढ़ाएं, पूजा के पश्चात इसे घर के आसपास किसी स्थान पर गड्ढा खोदकर उसमें गोमती चक्र बनाकर मिट्टी से ढक दें. इससे फंसा हुआ धन शीघ्र वापस आ सकता है.













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