World Heart Day 2020: हार्ट अटैक पीड़ितों के लिए हेल्दी सेक्स लाइफ किसी वरदान से कम नहीं, इससे मौत का जोखिम होता है कम
एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो लोग हार्ट अटैक के मरीज हैं या फिर जिन्हें दिल का दौरा पड़ चुका है ऐसे लोग सेक्सुअल एक्टिविटी के सामान्य स्तर पर लौटकर अपने सर्वाइवल की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं, क्योंकि हेल्दी सेक्स लाइफ हार्ट अटैक के मरीजों के सर्वाइवल रेट को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है.
Sex for Healthy Heart: एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि जो लोग हार्ट अटैक के मरीज (Heart Attack Victim) हैं या फिर जिन्हें दिल का दौरा पड़ चुका है ऐसे लोग सेक्सुअल एक्टिविटी (Sexual Activity) के सामान्य स्तर पर लौटकर अपने सर्वाइवल की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं. दरअसल, कई लोग दिल का दौरा पड़ने के बाद इस डर से यौन संबंध (Sex) बनाना बंद कर देते हैं कहीं उन्हें फिर से दौरा न पड़ जाए, लेकिन यूरोपियन जर्नल प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी (European Journal of Preventive Cardiology) में बुधवार को प्रकाशित शोध कहता है कि सेक्स जीवित रहने की दर (Survival Rates) को बढ़ाने के लिए अच्छा है.
शोधकर्ताओं ने लगभग 20 सालों तक 495 कपल्स को फॉलो किया और पाया कि जिन लोगों ने दिल का दौरा पड़ने के बाद पहले छह महीनों में यौन गतिविधि को बनाए रखा या उसे बढ़ाया, उनमें मौत का जोखिम 35 फीसदी तक कम पाया गया. इजराइल के तेल अवीव यूनिवर्सिटी (Tel Aviv University in Israel) के प्रोफेसर यारिव गर्बर (Yariv Gerber) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सेक्सुएलिटी और सेक्सुअल एक्टिविटी अच्छी सेहत की कुंजी है.
दिल का दौरा पड़ने के तुरंत बाद यौन गतिविधि को फिर से शुरू करना एक स्वस्थ, कामकाजी, युवा और ऊर्जावान व्यक्ति के रूप में स्वस्थ जीवनशैली हो सकती है. शोधकर्ताओं ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने के बाद नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों या यौन गतिविधियों में लिप्त रहकर दिल की समस्याओं का दीर्घकालिक जोखिम कम हो सकता है. हालांकि कुछ मामलों में यौन गतिविधियों के कारण हृदय की समस्याओं में ट्रिगर देखा गया है, लेकिन जो लोग नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनमें मृत्यु का जोखिम कम होता है. यह भी पढ़ें: Health Benefits of Sex: कैंसर के जोखिम को कम करने से लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक, जानें सेक्स से होने वाले 5 कमाल के फायदे
बताया जाता है कि 495 रोगियों की आयु 65 साल या उससे कम थी और उन्हें साल 1993 में अपने पहले दिल के दौरे के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी औसत आयु 53 साल थी और उनमें से 90 फीसदी पुरुष शामिल थे. शोधकर्ताओं ने पाया कि 22 सालों के बाद 211 रोगियों या कुल प्रतिभागियों में से 43 फीसदी की मौत हो गई थी.
शोधकर्ताओं ने दो समूहों के बीच मृत्यु के जोखिम के अतंर को निर्धारित करने के लिए मोटापा, शारीरिक गतिविधि और सामाजिक व आर्थिक स्थिति जैसे कारकों के लिए समायोजित किया और पाया कि समूह में जिन लोगों की मृत्यु हुई वे मुख्य रूप से हृदय रोग के अलावा अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से पीड़ित थे.
हालांकि शोधरकर्ताओं ने यह भी रेखांकित किया कि अध्ययन यह नहीं मानता है कि यौन गतिविधि एकमात्र कारक है जो जीवित रहने की दर को प्रभावित करती है. नियमित यौन गतिविधि को बनाए रखने के लिए कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य मापदंडों की आवश्यकता होती है. हालांकि पहली बार दिल का दौरा पड़ने के बाद यौन गतिविधियों को फिर से शुरू करने को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए, क्योंकि हेल्दी सेक्स लाइफ हार्ट अटैक के मरीजों के सर्वाइवल रेट को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 25, 2020 02:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

