MP Watermelon Tragedy: मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद बिगड़ी पिता-पुत्र की तबीयत, अस्पताल ले जाते समय बाप की मौत, बेटा वेंटिलेटर पर
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल ले जाते समय पिता की मौत हो गई, जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है. स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है.
MP Watermelon Tragedy: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक बेहद हैरान और परेशान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां शुक्रवार (15 मई) को तरबूज खाने के बाद एक व्यक्ति और उसके बेटे की तबीयत अचानक खराब हो गई. हालत गंभीर होने पर दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पिता को अन्यत्र रेफर किया गया. हालांकि, रास्ते में ही पिता ने दम तोड़ दिया, जबकि उनके 21 वर्षीय बेटे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है. स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़े: Mumbai ‘Watermelon Death’ Case Mystery Solved: मुंबई ‘तरबूज मौत’ मामले की गुत्थी सुलझी, फॉरेंसिक जांच में चूहे मारने वाला जहर बना मौत की वजह; तरबूज से नहीं हुई थी परिवार की मौत
सीने में जलन के बाद खाया था तरबूज
मृतक की पहचान 43 वर्षीय इंद्र कुमार परिहार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से शाजापुर जिले के रहने वाले थे. वह श्योपुर में एक ड्राइवर के रूप में काम करते थे और अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे.
पारिवारिक सूत्रों और चश्मदीदों के अनुसार, इंद्र कुमार और उनके बेटे विनोद को गुरुवार की रात से ही बेचैनी महसूस हो रही थी. शुक्रवार सुबह दोनों ने घर में रखा तरबूज खाया. तरबूज खाने के कुछ ही देर बाद दोनों की हालत तेजी से बिगड़ने लगी.
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम
दोनों की बिगड़ती हालत को देखकर परिवार के अन्य सदस्यों ने तुरंत उन्हें श्योपुर जिला अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भर्ती किया. इसके बाद, इंद्र कुमार की हालत और अधिक बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा (राजस्थान) रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
इंद्र कुमार के पीछे उनकी पत्नी संगीता, और तीन बेटे विनोद, राजा और देवा हैं. इस आकस्मिक घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है.
डॉक्टरों को फूड पॉइजनिंग या पेट में इन्फेक्शन का शक
इस घटना के बाद स्थानीय बाजारों में बिकने वाले फलों में हानिकारक रसायनों या जहरीले तत्वों की मौजूदगी को लेकर जनता में चिंता बढ़ गई है. हालांकि, चिकित्सा अधिकारियों ने अभी तक सीधे तौर पर तरबूज को मौत का कारण मानने से इनकार किया है.
श्योपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आर. बी. गोयल ने बताया कि शुक्रवार सुबह दो मरीजों को बेहद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. उन्होंने कहा कि अभी यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि मौत तरबूज खाने से ही हुई है. शुरुआती लक्षणों को देखते हुए यह गंभीर पेट का इन्फेक्शन (Stomach Infection) या फूड पॉइजनिंग का मामला हो सकता है.
प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
मौत के सटीक कारणों का खुलासा केवल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा.
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मृतक के घर से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं. प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि परिवार ने तरबूज कहां से खरीदा था, ताकि बाजार में बिकने वाले अन्य फलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2026 09:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

