Madhya Pradesh: छतरपुर में चलती एम्बुलेंस बनी 'अय्याशी का अड्डा', युवती और दो युवकों का आपत्तिजनक वीडियो वायरल
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आपातकालीन सेवा के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहाँ एक चलती एम्बुलेंस के भीतर एक युवती और दो युवकों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
छतरपुर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur District) से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने चिकित्सा सेवा (Medical Services) की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहाँ एक चलती एम्बुलेंस (Ambulance) के भीतर एक युवती और दो युवकों को कथित तौर पर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त पाया गया. इस पूरी घटना का वीडियो किसी राहगीर ने बना लिया, जो अब इंटरनेट पर वायरल (Viral Video) हो गया है. जीवन बचाने वाली एम्बुलेंस के इस तरह के दुरुपयोग ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: मुख्य आरोपी अयान अहमद का निकाला गया जुलूस, मोबाइल फोन और 'थार' समेत कई अहम सबूत बरामद (Watch Video)
सोशल मीडिया पर भड़का लोगों का गुस्सा: 'मूविंग ओयो' कहा
जैसे ही यह वीडियो सार्वजनिक हुआ, लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. सोशल मीडिया यूजर्स ने एम्बुलेंस सेवा की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले इस कृत्य की कड़ी आलोचना की है. कई यूजर्स ने इसे 'मूविंग ओयो' (Moving OYO) करार देते हुए प्रशासन से एम्बुलेंस चालक और इसमें शामिल युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि जिस वाहन का उपयोग मरीजों की जान बचाने के लिए होना चाहिए, उसे अनैतिक कार्यों का अड्डा बनाया जाना बेहद चिंताजनक है.
छतरपुर में चलती एम्बुलेंस बनी 'अय्याशी का अड्डा'
एंबुलेंस बनी चलता फिरता OYO. राहगीरों ने एंबुलेंस की विंडो से देखी गलत हरकत है, जिसके बाद लोगों ने किया पीछा. तकरीबन 5 किलोमीटर बाद एक लड़की और दो लड़कों को पकड़ा गया.
📍 छतरपुर (मध्य प्रदेश) pic.twitter.com/C2Ipwl8US3
— ocean jain (@ocjain4) April 23, 2026
जांच के घेरे में एम्बुलेंस सेवा और निगरानी तंत्र
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस और संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले का संज्ञान लेने की उम्मीद है. जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या यह एम्बुलेंस सरकारी थी या निजी, साथ ही, एम्बुलेंस के चालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी कि उसने इन बाहरी लोगों को वाहन के भीतर प्रवेश की अनुमति कैसे दी. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आपातकालीन वाहनों के लिए बने नियमों और निगरानी प्रणालियों (Monitoring Systems) की समीक्षा की जा सकती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. यह भी पढ़ें: Rapido राइडर की शर्मनाक करतूत: सफर के बाद महिला को व्हाट्सएप पर भेजा 'मिलने' का मैसेज, कंपनी ने मांगी माफी
सार्वजनिक व्यवहार और जिम्मेदारी पर बहस
इस घटना ने निवासियों के बीच सार्वजनिक व्यवहार और जिम्मेदारी को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. स्थानीय लोगों का मानना है कि आपातकालीन वाहनों की सख्त निगरानी और जीपीएस ट्रैकिंग जैसे सिस्टम होने चाहिए ताकि उनके वास्तविक स्थान और उपयोग का पता चल सके. फिलहाल, पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए वीडियो के स्रोत और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2026 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

