Akshay Tritiya 2026: देश में अक्षय तृतीया की धूम, अयोध्या के राम मंदिर और उज्जैन के महाकालेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब; देखें VIDEO

 Akshay Tritiya 2026:  अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर और मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह से ही लाखों श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान और दर्शन का फल 'अक्षय' (कभी न समाप्त होने वाला) होता है, जिसके चलते इन मंदिरों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.

अयोध्या: रामलला के दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह अक्षय तृतीया का विशेष अवसर है. राम जन्मभूमि पथ और मंदिर परिसर के बाहर तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं. मंदिर प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय और कतार प्रबंधन में कुछ बदलाव किए हैं ताकि लोगों को असुविधा न हो.  यह भी पढ़े: Akshay Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर शुभवस्त्रम में दिखी रामलला सरकार की भव्य झलक, मंत्रमुग्ध हुए भक्त

श्रद्धालु न केवल रामलला के दर्शन कर रहे हैं, बल्कि सरयू नदी में स्नान कर दान-पुण्य की परंपरा का भी निर्वहन कर रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए अयोध्या पुलिस और मंदिर के सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं.

अयोध्या के राम मंदिर श्रद्धालु  की भीड़

उज्जैन: भस्म आरती में शामिल हुए हजारों भक्त

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अक्षय तृतीया का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. शुक्रवार तड़के होने वाली विशेष 'भस्म आरती' में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु पहुंचे. मंदिर के गर्भगृह को विशेष फूलों से सजाया गया है और भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया है.

भस्म आरती के बाद आम दर्शनार्थियों के लिए द्वार खोल दिए गए. प्रशासन का अनुमान है कि आज दिन भर में करीब 2 से 3 लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 'चलित दर्शन' की व्यवस्था भी लागू की गई है.

महाकालेश्वर मंदिर में  में दिखी भीड़

अक्षय तृतीया का महत्व और सुरक्षा इंतजाम

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है. इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत की जा सकती है. अयोध्या और उज्जैन दोनों ही शहरों में स्थानीय प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए यातायात के रूट डायवर्ट किए हैं.

दोनों ही प्रमुख तीर्थ स्थलों पर पीने के पानी, धूप से बचाव के लिए शेड्स और मेडिकल बूथ की व्यवस्था की गई है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट पर हैं ताकि गर्मी और उमस के कारण किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल सहायता प्रदान की जा सके.