Vishu 2026 Wishes: ‘विशु’ के इन मनमोहक हिंदी WhatsApp Status, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers के जरिए दें बधाई
केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

Vishu 2026 Wishes in Hindi: केरल में नववर्ष (Kerala New Year) का उत्साह अपने चरम पर है. इस साल 'विशु' (Vishu) का त्योहार 14 अप्रैल 2026 को मनाया जा रहा है. मलयालम कैलेंडर के अनुसार, मेडम महीने का पहला दिन केरल वासियों के लिए नई उम्मीदें और खुशियां लेकर आता है. ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है. विशु का संबंध केवल कैलेंडर से नहीं, बल्कि धरती और फसलों से भी है. इस पर्व के साथ ही केरल में नई फसलों की बुवाई का काम शुरू हो जाता है, जिससे यह किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है. लोग इस दिन अच्छी फसल और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं.

केरल के प्रमुख पर्व 'विशु' को लोग हर्षोल्लास के साथ अपने पारंपरिक तरीकों से मनाते हैं. यह दिन मलयालम कैलेंडर के नए साल की शुरुआत और मेष संक्रांति का प्रतीक है. इस पर्व खुशियों को लोग शुभकामना संदेशों के जरिए एक-दूसरे संग बांटते हैं. ऐसे में आप भी इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स के जरिए विशु की बधाई दे सकते हैं.

1- केरल नववर्ष की शुभकामनाएं

केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

2- विशु की हार्दिक बधाई

केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

3- केरल नववर्ष की बधाई

केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी केरल न्यू ईयर

केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी विशु 2026

केरल नववर्ष की बधाई 2026 (Photo Credits: File Image)

विशु के दिन सबसे खास रस्म 'विशुकानी' दर्शन की होती है. इसके लिए एक दिन पहले ही कांसे के बर्तन में चावल, कच्चा आम, नए कपड़े, दर्पण, सुपारी और पान के पत्तों को सजाकर रखा जाता है. बर्तन के पास एक पारंपरिक दीपक जलाया जाता है. सुबह जल्दी उठकर घर के बुजुर्ग परिवार के अन्य सदस्यों की आंखें बंद करके उन्हें इस सजावट (विशुकानी) तक ले जाते हैं ताकि साल की पहली दृष्टि शुभ वस्तुओं और भगवान विष्णु पर पड़े.

पूजा-अर्चना के बाद लोग नए वस्त्र धारण करते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं. इस दिन के भोजन का विशेष महत्व है. भगवान को 'सद्य' नामक भोग लगाया जाता है, जिसमें 26 प्रकार के अलग-अलग लजीज पकवान शामिल होते हैं. इसके बाद पूरा परिवार एक साथ मिलकर इस पारंपरिक भोज का आनंद लेता है.