Ugadi 2026 Wishes In Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (Hindu New Year) का आरंभ होता है. भारत के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. जहां महाराष्ट्र (Maharashtra) में इसे 'गुड़ी पड़वा' कहते हैं, वहीं दक्षिण भारतीय राज्यों—तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में इसे 'उगादि' (Ugadi) के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस साल उगादि का यह पावन पर्व 19 मार्च 2026 को पड़ रहा है.
'उगादि' शब्द संस्कृत के दो शब्दों 'युग' और 'आदि' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है 'एक नए युग की शुरुआत'. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड की रचना का कार्य आरंभ किया था. यही कारण है कि इस दिन विशेष रूप से भगवान ब्रह्मा की पूजा-अर्चना की जाती है. लोग इस दिन को व्यापार की शुरुआत, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ मानते हैं.
दक्षिण भारत में उगादि का यह त्योहार केवल एक क्षेत्रीय पर्व नहीं, बल्कि एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है. इस दिन परिवार के सभी सदस्य एक साथ जुटते हैं और सामूहिक भोज का आनंद लेते हुए नए साल का स्वागत करते हैं. इस विशेष अवसर पर आप उगादि के इन चुनिंदा हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए तेलुगु नववर्ष की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





उगादि के उत्सव में 'पच्चड़ी' (Ugadi Pachadi) नामक एक विशेष पेय पदार्थ बनाने की परंपरा है. यह इमली, कच्चे आम, नारियल, नीम के फूल, नमक और गुड़ जैसी चीजों को मिलाकर तैयार किया जाता है. यह केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि जीवन का दर्शन है. इसमें मौजूद कड़वाहट, मिठास, खट्टापन और तीखापन इस बात का प्रतीक है कि आने वाले नए साल में मनुष्य को सुख-दुख और सफलता-विफलता जैसे हर अनुभव को समान रूप से स्वीकार करना चाहिए.
उगादि के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर शरीर पर उबटन और तिल का तेल लगाकर स्नान करते हैं. इसके बाद नए वस्त्र पहनकर मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं. घरों की साफ-सफाई कर मुख्य द्वार पर रंगोली सजाई जाती है और आम के पत्तों का तोरण बांधा जाता है. पूजा के दौरान हाथ में गंध, अक्षत, चमेली के फूल और जल लेकर भगवान ब्रह्मा के मंत्रों का जाप किया जाता है.













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