Mahakavi Kalidas Diwas 2025 Quotes: ‘धैर्यवान व्यक्ति हर परिस्थितियों से सुरक्षित बाहर आ जाते हैं’ महाकवि कालिदास दिवस पर अपनों को भेजें ये प्रेरक कोट्स!
कुछ इतिहासकारों के अनुसार कालिदास का जन्म कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी (02 नवंबर 2025) को हुआ था, वहीं कुछ विद्वान आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को उनकी जयंती मानते हैं. जन्म-दिन में दुविधा न हो, इसलिए आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (26 जून 2025) को कालिदास दिवस के नाम से मनाया जाता है.
Mahakavi Kalidas Diwas 2025 Quotes: महाकवि कालिदास की जयंती (Mahakavi Kalidas Jayanti) तिथि को लेकर इतिहासकार एकमत नहीं हैं. कुछ इतिहासकारों के अनुसार कालिदास का जन्म कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी (02 नवंबर 2025) को हुआ था, वहीं कुछ विद्वान आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को उनकी जयंती मानते हैं. जन्म-दिन में दुविधा न हो, इसलिए आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा (26 जून 2025) को कालिदास दिवस (Mahakavi Kalidas Diwas) के नाम से मनाया जाता है.
कालिदास प्रारंभिक जीवन में अनपढ़ और मूर्ख थे, लेकिन बाद में अपनी विद्वान पत्नी विद्योत्तमा से तिरस्कार और अपमान सहने के बाद घर-बार छोड़कर तप करने चले गये और जब लौटे तो संस्कृत के महान कवि बन चुके थे. ऐसे व्यक्ति किसी के भी प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं. महाकवि कालिदास दिवस पर यहां कुछ कोट्स दिये गये है, जिसे अपने शुभचिंतकों को भेजकर इस दिवस को सेलिब्रेट कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Mahakavi Kalidas Diwas 2025: ‘महामूर्ख’ कुमार श्याम कैसे बने ‘महाकवि कालिदास’? जानें कालिदास के जीवन के ऐसे ही कुछ रोचक प्रसंग!
1- ‘मन को विचलित करने वाली कितनी भी परेशानी क्यों ना हो, लेकिन एक धैर्यवान व्यक्ति हर बुरी परिस्थिति से भी बाहर निकल आता है.’
-महाकवि कालिदास

2- ‘दुख और सुख हमेशा किसी के जीवन में नहीं रहते हैं, ये तो किसी पहिये की तरह कभी ऊपर तो कभी नीचे की ओर होते रहते हैं.’
-महाकवि कालिदास

3- ‘संत-महात्मा और अच्छे लोग बिना कहे ही दूसरों का भला करते हैं, जिस तरह सूर्य घर-घर में एक समान प्रकाश करता है.’
-महाकवि कालिदास

4- ‘दान-पुण्य केवल परलोक में सुख देता है, लेकिन संस्कारी संतान इसी जन्म में सुख देती है, इसलिए संतान को अच्छे संस्कार देना चाहिए.’
-महाकवि कालिदास

5- ‘नाव में अगर बड़ा या छोटा छेद हो जाए तो वह नाव को डुबो देता है, ठीक इसी तरह व्यक्ति की बुरी आदतें उसे बर्बाद कर देती है.’
-महाकवि कालिदास

कालिदास गुप्तकाल के संस्कृत भाषा के महान कवि और नाटककार थे. उन्होंने भारत की भारत की पौराणिक कथाओं और दर्शन के विविध रूप और मूल तत्व निरूपित हैं. कालिदास की सुप्रसिद्ध रचना अभिज्ञान शाकुंतलम, जिनका सबसे पहले यूरोपीय भाषा में अनुवाद हुआ था. मेघदूतम उनकी सर्वश्रेष्ठ रचना है, जिसमें कवि की कल्पनाशक्ति अपने सर्वोत्कृष्ट स्तर पर है उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास ‘शिवपुराण' है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2025 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

