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COVID-19 Vaccine: क्या कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज भी ले सकते हैं कोरोना वैक्सीन?

भारत ने कोरोना वायरस महामारी के विरुद्ध लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है. भारत में सबसे ज़्यादा रिकवरी रेट और सबसे कम मृत्यु दर है. कोविड-19 की चपेट में आने वाले 1 करोड़ 4 लाख लोगों में से 1 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य हो चुके है. देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 18,139 नए मामले सामने आये जबकि उससे अधिक 20,539 लोग ठीक हुए है.

COVID-19 Vaccine: क्या कैंसर, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज भी ले सकते हैं कोरोना वैक्सीन?
कोरोना वायरस (Photo Credits: Pixabay)

COVID-19 Vaccination FAQs in India: भारत ने कोरोना वायरस महामारी के विरुद्ध लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है. भारत में सबसे ज़्यादा रिकवरी रेट और सबसे कम मृत्यु दर है. कोविड-19 की चपेट में आने वाले 1 करोड़ 4 लाख लोगों में से 1 करोड़ से ज्यादा स्वास्थ्य हो चुके है. देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 18,139 नए मामले सामने आये जबकि उससे अधिक 20,539 लोग ठीक हुए है. COVID-19 वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना क्यों जरुरी है? कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?

वर्तमान में कोरोना वायरस को जड़ से खत्म करने के लिए टीकाकरण अभियान की तैयारी जोरो पर है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने हाल ही में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 'कोविशील्ड' वैक्सीन और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी. आने वाले कुछ हफ्तों में भारत में विश्व का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू हो सकता है. वैक्सीनेशन की तैयारियों को चाक-चौबंद करने के लिए देशभर में ड्राई रन चलाया जा रहा है. इसी क्रम में कोरोना वैक्सीन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब हम आपको देने जा रहे है.

सवाल: यदि कोई कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि जैसी बीमारियों की दवा ले रहा है, तो क्या वह कोरोना वैक्सीन ले सकता है?

जवाब: हां, इनमें से एक या एक से अधिक स्वास्थ्य परिस्थितियों वाले व्यक्तियों को एक उच्च जोखिम वाली श्रेणी माना जाता है. उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन कराने की आवश्यता है.

सवाल: क्या हेल्‍थकेयर प्रोवाइडर्स और फ्रंटलाइन श्रमिकों के परिवार को भी वैक्सीन दिया जाएगा?

जवाब: प्रारंभिक चरण में सीमित वैक्सीन की आपूर्ति के कारण, इसे पहले प्राथमिकता वाले समूहों में लोगों को प्रदान किया जायेगा. बाद के चरणों में, वैक्सीन अन्य सभी को उपलब्ध कराया जायेगा.

सवाल: क्या वैक्सीन लगवाने के बाद कोई रिएक्शन हो सकता है?

जवाब: नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल की डॉ. गीता कमपानी ने बताया कि वर्तमान में बच्चों को जो वैक्सीन लगायी जाती है, उसमें भी हल्का बुखार, रैशेज या एलर्जी जैसे रिएक्शन होते हैं. ये बहुत कम समय के लिए होते हैं. कोविड-19 की वैक्सीन में भी अगर रिएक्शन हुआ तो उसका असर बहुत कम होगा. जैसे जिस जगह पर इंजेक्शन दिया जाएगा, वहां लाल पड़ जाये या त्वचा सख्त पड़ जाये, खुजली हो, या हो सकता है 24 घंटे के लिए हल्का बुखार, शरीर में दर्द, सर्दी, खांसी आये, उसके लिए पैरासिटामॉल लिया जा सकता है.

सवाल: क्या वैक्सीन लगवाने वाले हर व्यक्ति को रिएक्शन होगा?

जवाब: नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल की डॉ. गीता कमपानी ने कहा कि ऐसा नहीं है. दरअसल हर वैक्सीन में एक प्रोटीन कम्पोनेंट होता है, जो उसके सहायक के रूप में काम करता है, ताकि वैक्सीन का प्रभाव लंबे समय तक बना रहे. ऐसे लोग जिनको कुछ विशेष प्रकार के प्रोटीन से एलर्जी है, उनको वैक्सीन देने पर रिएक्शन ज्यादा हो सकता है. ऐसे लोग जिन्हें प्रोटीन कम्पोनेंट से बहुत अधिक एलर्जी है, वो ये वैक्सीन नहीं लगवायें तो बेहतर होगा. क्योंकि उन लोगों को एनाफाइलैक्सिस (Anaphylaxis) हो सकता है. हालांकि इसके होने की बहुत कम संभावना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2021 11:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).