Why Mumbai’s Next Mayor Will Be Chosen by Lottery: मुंबई का अगला मेयर लॉटरी से क्यों चुना जाएगा? नियम क्या कहते हैं और जानें शहर को नया मेयर कब मिलेगा
Why Mumbai’s Next Mayor Will Be Chosen by Lottery: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव परिणाम आने के बाद अब देश की सबसे अमीर नगर निकाय में नए मेयर (महापौर) के चुनाव की प्रक्रिया तेज हो गई है. करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद मुंबई को जनवरी 2026 के अंत तक अपना निर्वाचित मेयर मिल जाएगा. हालांकि, मेयर की कुर्सी पर कौन बैठेगा, यह केवल चुनावी जीत पर नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के नगर निकाय नियमों के तहत निकलने वाली एक 'लॉटरी' पर निर्भर करेगा. शहर में मार्च 2022 से प्रशासक का शासन लागू है, जो अब मेयर की नियुक्ति के साथ समाप्त हो जाएगा.

बीएमसी चुनाव 2026: क्या रहे नतीजे?

जनवरी 2026 के चुनावों में मुंबई का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है. 227 सीटों वाली महानगरपालिका में बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी यह भी पढ़े:  BMC चुनाव के बाद ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की वापसी: संजय राउत बोले- ‘पर्दे के पीछे बहुत कुछ जारी, मैसेज उन तक पहुंच रहे हैं’

 

  • भाजपा: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)

  • शिवसेना (एकनाथ शिंदे): 29 सीटें

  • महायुति गठबंधन (कुल): 118 सीटें (बहुमत हासिल)

  • शिवसेना (UBT): 65 सीटें

  • कांग्रेस: 24 सीटें

  • अन्य: AIMIM (8), MNS (6), NCP (3)

क्या है मेयर आरक्षण का लॉटरी सिस्टम?

मुंबई के मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता. मुंबई नगर निगम अधिनियम, 1888 के अनुसार, मेयर का पद अलग-अलग श्रेणियों के लिए आरक्षित होता है. यह रोटेशन (चक्रानुक्रम) प्रणाली 'सामाजिक न्याय' सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है ताकि हर वर्ग को नेतृत्व का अवसर मिले.

शहरी विकास विभाग एक सार्वजनिक लॉटरी निकालता है, जिसमें एक छोटा बच्चा डिब्बे से चिट निकालकर यह तय करता है कि अगला मेयर किस श्रेणी का होगा. आरक्षण की श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  1. सामान्य वर्ग (General)

  2. अनुसूचित जाति (SC)

  3. अनुसूचित जनजाति (ST)

  4. अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)

  5. महिला आरक्षण: कुल कार्यकाल का 50% महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है (जैसे 'OBC महिला' या 'सामान्य महिला').

कब होगी लॉटरी और चुनाव?

ताजा अपडेट के अनुसार, मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी 22 जनवरी 2026 को निकाली जा सकती है. लॉटरी के माध्यम से श्रेणी तय होने के बाद, सरकार आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी. इसके बाद:

  • केवल वही नगरसेवक नामांकन कर सकेंगे जो उस श्रेणी (जैसे SC महिला या सामान्य पुरुष) में आते हैं.

  • नामांकन के बाद 7 से 10 दिनों का समय दिया जाएगा.

  • 30 या 31 जनवरी 2026 तक विशेष सभा बुलाकर मतदान कराया जाएगा और नए मेयर की घोषणा होगी.

मेयर पद का महत्व

भले ही बीएमसी की कार्यकारी शक्तियां कमिश्नर (IAS) के पास होती हैं, लेकिन मेयर शहर का 'प्रथम नागरिक' होता है. मेयर निगम की सभाओं की अध्यक्षता करता है और शहर के ₹74,000 करोड़ से अधिक के विशाल बजट और नीतियों पर चर्चा का नेतृत्व करता है. मेयर की नियुक्ति का मतलब है कि अब मुंबई के विकास कार्यों का हिसाब सीधे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि लेंगे.