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BMC Budget 2026-27: बजट में डिजिटल को बढ़ावा देने की दिशा में BMC बड़ा कदम, अब AI करेगा मुंबईकरों की मदद; घर बैठे पास होंगे नक्शे और लाइसेंस; जानें कैसे

बीएमसी ने अपने 2026 के बजट में 'एआई कोच' पहल की घोषणा की है, जो नागरिकों को बिल्डिंग प्लान और लाइसेंस जैसी सेवाओं के लिए स्टेप-बाय-स्टेप मार्गदर्शन प्रदान करेगा.

BMC Budget 2026-27: बजट में डिजिटल को बढ़ावा देने की दिशा में BMC बड़ा कदम, अब AI करेगा मुंबईकरों की मदद; घर बैठे पास होंगे नक्शे और लाइसेंस; जानें कैसे
(Photo Credits Wikimedia Commons)

BMC Budget 2026-27: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने 2026 के बजट में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. नागरिक सेवाओं में होने वाली देरी को समाप्त करने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए बीएमसी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कई उपकरणों की घोषणा की है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था तैयार करना है जो अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और डेटा-संचालित हो.

नागरिकों के लिए 'AI कोच'

बीएमसी बजट की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 'सिटिजन एआई कोच' (Citizen AI Coach) है. यह एक डिजिटल असिस्टेंट के रूप में काम करेगा, जो विभिन्न नागरिक सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय लोगों का मार्गदर्शन करेगा. यह भी पढ़े: BMC Budget 2026-27: बीएमसी के बजट से मुंबईकरों को बड़ी राहत, प्रॉपर्टी टैक्स और पानी के बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं

चाहे वह संपत्ति से संबंधित आवेदन हो या नए लाइसेंस और अनुमति प्राप्त करना, यह एआई टूल फॉर्म भरने से लेकर दस्तावेज अपलोड करने तक की पूरी प्रक्रिया में स्टेप-बाय-स्टेप मदद करेगा. प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा होगी, बल्कि आवेदन में होने वाली गलतियां भी कम होंगी.

कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए डिजिटल सहायता

नागरिकों के साथ-साथ बीएमसी अपने कर्मचारियों के लिए भी 'एम्प्लॉई एआई कोच' (Employee AI Coach) पेश करेगी. यह डिजिटल सहायक कर्मचारियों को आंतरिक आईटी प्लेटफॉर्म और वर्कफ्लो को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा. गाइडेड ट्यूटोरियल और लर्निंग मॉड्यूल के माध्यम से, कर्मचारी तकनीकी समस्याओं को खुद हल कर सकेंगे, जिससे फाइलों के निपटारे की गति बढ़ेगी और मैन्युअल काम का बोझ कम होगा.

IT बॉम्बे के साथ साझेदारी

अपनी एआई महत्वाकांक्षाओं को मजबूत करने के लिए बीएमसी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के साथ हाथ मिलाया है. इस साझेदारी के तहत एडवांस एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव मॉडलिंग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इससे बीएमसी को भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने, संसाधनों का सही आवंटन करने और डेटा के आधार पर सटीक निर्णय लेने में मदद मिलेगी.

अर्बन प्लानिंग-ऑटो DCR में तकनीक का समावेश

बजट में 'ऑटो डीसीआर' (Auto DCR) एप्लिकेशन में एआई और मशीन लर्निंग (ML) को एकीकृत करने का प्रस्ताव भी दिया गया है. यह तकनीक बिल्डिंग प्रस्तावों की स्वचालित जांच को और बेहतर बनाएगी.

एआई के माध्यम से नियमों के उल्लंघन का पता लगाना आसान होगा और निर्माण संबंधी स्वीकृतियां तेजी से मिल सकेंगी. इसके अतिरिक्त, शहर के विकास के पैटर्न का विश्लेषण करने के लिए भी एआई का उपयोग किया जाएगा, जिससे योजनाकारों को भविष्य की रणनीतियां बनाने में मदद मिलेगी.

इस डिजिटल बदलाव के साथ, बीएमसी तकनीक और शासन के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश कर रही है, ताकि आने वाले वर्षों में नागरिक सेवाएं तेज और अधिक सुलभ हो सकें.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 25, 2026 05:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).