HSRP Number Plate Deadline: अब भी कई गाड़ियों में नहीं लगी एचएसआरपी नंबर प्लेट, 3 दिन बाद खत्म होगी डेडलाइन, क्या फिर बढ़ेगी मियाद, जानें डिटेल्स
HSRP Number Plate Deadline

HSRP Number Plate Deadline:  राज्य में सभी वाहन मालिकों (Vehicle Owners) के लिए एचएसआरपी नंबर प्लेट (HSRP Number Plate) लगवाना अनिवार्य किया गया है. परिवहन विभाग (Transport Department) की ओर से इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर तय की गई है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में वाहन अब भी बिना एचएसआरपी (HSRP) प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे अब डेडलाइन बढ़ाने (Deadline Extension) की मांग तेज़ हो गई है.आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर महीने में पुणे (Pune) में केवल करीब 50 हजार वाहन मालिकों ने ही HSRP के लिए आवेदन किया है.

वहीं अनुमान है कि शहर में लगभग 16 लाख वाहन (16 Lakh Vehicles) ऐसे हैं जिन पर अब तक यह नंबर प्लेट नहीं लगी है. बचे हुए सिर्फ़ 3 दिनों में इतनी बड़ी संख्या में प्लेट लगना मुश्किल माना जा रहा है.ये भी पढ़े:HSRP Number Plate Deadline: अपनी गाड़ियों में जल्द लगवा ले एचएसआरपी नंबर प्लेट, समय रह गया है काफी कम, इस तारीख से पहले कर करवा ले अपडेट

क्या मिलेगी समय सीमा में राहत?

इस हालात को देखते हुए यह चर्चा तेज़ हो गई है कि सरकार HSRP लगाने की समय सीमा (HSRP Installment Deadline May Be Extended) को आगे बढ़ा सकती है. हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई भी आधिकारिक घोषणा (Official Confirmation) सामने नहीं आई है.

किन वाहनों पर HSRP अनिवार्य?

एप्रिल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर HSRP नंबर प्लेट लगवाना ज़रूरी है. अप्रैल 2019 के बाद खरीदे गए वाहनों में यह प्लेट पहले से ही लगी होती है, इसलिए पुराने वाहन मालिकों को यह प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी.

एचएसआरपी नंबर प्लेट क्यों जरूरी?

एचएसआरपी (HSRP) प्लेट की मदद से दुर्घटना (Accident Cases) और आपराधिक मामलों (Crime Tracking) में वाहनों की पहचान आसान हो जाती है. यह एक सुरक्षित और यूनिक प्लेट (Secure & Unique Plate) होती है, जिसे छेड़छाड़ या नकली तरीके से बदलना मुश्किल होता है.

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

यदि तय समय सीमा के बाद वाहन पर एचएसआरपी (HSRP) नंबर प्लेट नहीं पाई जाती है, तो वाहन मालिक पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि डेडलाइन बढ़ती है या सख्ती से कार्रवाई शुरू होती है.