Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati 2025: पूरे देश में गणेशोत्सव (Ganeshotsav) का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. खासकर महाराष्ट्र में ये त्यौहार बड़े भव्य तौर पर मनाया जाता है. पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति (Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati) का धूमधाम से आगमन किया गया है. हर साल की तरह इस साल भी पारंपरिक पद्धति से जुलुस का आयोजन किया गया था. जिसमें भक्त गणपति बाप्पा मोरया के जयघोष लगा रहे थे. इस दौरान पूरे परिसर जयघोष से गूंज उठा.एक आकर्षक फूलों के रथ से श्रीमंत दगडूशेठ गणपति के जुलुस की शुरुवात हुई. इस बार मंडल की ओर से केरल (Kerala)के पद्मनाभ मंदिर ( Padmanabha Temple) की प्रतिकृति बनाई गई है. जो देखते ही बनती है. मुख्य मंदिर से उत्सव मंडल में ये मूर्ति स्थापित की जानेवाली है. मूर्ति की स्थापना करने के बाद इसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.
इस जुलुस का वीडियो सोशल मीडिया X पर @ThePuneMirror नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Ganesh chaturthi 2025: मुंबई में 27 अगस्त से गणेशोत्सव की धूम, यूपी-मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों के पंडितों की बढ़ी मांग, पूजा के लिए अडवांस बुकिंग जारी
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति का आगमन
The much-awaited 2025 arrival procession of Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati began in Pune with great fanfare. Devotees thronged the streets, cheering and offering flowers, as traditional music and chants of ‘Ganpati Bappa Morya!’ filled the air, marking the start of the city’s… pic.twitter.com/xN3tNU2tqE
— Pune Mirror (@ThePuneMirror) August 27, 2025
श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट को हुए 133 वर्ष पूरे
इस साल श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई (Shrimant Dagdusheth Halwai Ganpati) सार्वजनिक गणपति ट्रस्ट को हुए 133 वर्ष पूरे हो चुके है.पद्मनाभस्वामी मंदिर (Padmanabhaswamy Temple) केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है. यह भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है.यह मंदिर श्री वैष्णव परंपरा के 108 पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है.इस वर्ष पुणे में गणेशोत्सव के दौरान इस मंदिर की एक उज्ज्वल झलक देखने को मिलेगी.
इस बार की प्रतिकृति है खास
दगडूशेठ (Dagdusheth) ट्रस्ट द्वारा निर्मित यह प्रतिकृति लगभग 100 फीट उंची, 120 फीट लंबी और 90 फीट चौड़ी है, और इसका डिज़ाइन देखने वाले को आश्चर्यचकित कर देता है. इस प्रतिकृति में एक भव्य पांच-स्तरीय गोपुरम है, जिसके प्रत्येक स्तर पर नाज़ुक मूर्तियों का अद्भुत संगम है.इसमें कृष्ण लीला, रामायण, सप्तऋषि, हाथी, घोड़े और सिंह की सुंदर सजावट है.हॉल में भगवान विष्णु-लक्ष्मी, शिव-पार्वती, श्रीकृष्ण और नरसिंह की सुंदर मूर्तियां भक्तों का ध्यान आकर्षित करती हैं.











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