Swing Ride Collapse Video: कुशीनगर के चैत बरनी मेले में बड़ा हादसा, झूला टूटने से कई लोग घायल; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
कुशीनगर के चैत बरनी मेले में झूला ढह गया (Photo/ANI)

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र (Kushinagar's Khadda) में बुधवार को आयोजित 'चैत बरनी मेले' (Chait Barni Fair) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलता हुआ झूला अचानक धराशायी हो गया. इस दर्दनाक हादसे में झूले पर सवार कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है.

खड्डा क्षेत्र के विधायक विवेकानंद पांडेय (Vivekanand Pandey) ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में इस हादसे की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि जैसे ही झूले के गिरने की सूचना मिली, प्रशासन ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शुरू कर दिया. विधायक ने कहा, 'मेले में झूला गिरने की रिपोर्ट मिली है. प्रभावित सभी व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है और प्रशासन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है.' यह भी पढ़ें: सूरजकुंड मेला हादसा: झूला गिरने से इंस्पेक्टर की मौत के बाद भी जारी रहेगा मेला; एम्यूजमेंट एरिया जांच के लिए सील

घायलों का उपचार और रेफरल प्रक्रिया

चिकित्सीय सहायता के बारे में जानकारी देते हुए विधायक ने बताया कि जिन लोगों को मामूली चोटें आई हैं, उनका इलाज स्थानीय स्तर पर ही किया जा रहा है. वहीं, जिन घायलों की स्थिति गंभीर है या जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता है, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है. अधिकारियों की टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी स्तर पर इलाज में कोई कोताही न बरती जाए.

चैत बरनी मेले में झूले का ढांचा गिरा

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के आदेश

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं को भी तुरंत तैनात किया गया ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके. फिलहाल मेले में अफरा-तफरी का माहौल है और प्रशासन ने लोगों से बचाव टीमों के साथ सहयोग करने की अपील की है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूला गिरने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या झूला चलाने में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी या फिर झूले में कोई तकनीकी खराबी थी.

सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

चैत बरनी मेले में हर साल हजारों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में इस तरह का हादसा मेलों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. विधायक विवेकानंद पांडेय ने पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और प्राथमिकता घायलों की जान बचाना है.