ढोंगी बाबा अशोक खरात 26 मई तक ईडी की हिरासत में, करोड़ों की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का है आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित स्वयंभू बाबा अशोक खरात को मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है. मुंबई की पीएमएलए अदालत ने उसे 26 मई तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है. खरात पर खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर करोड़ों रुपये ठगने और अंधविश्वास फैलाकर यौन शोषण करने के गंभीर आरोप हैं.
मुंबई, 20 मई: मुंबई (Mumbai) की एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (Special Prevention of Money Laundering Act) (PMLA) अदालत ने बुधवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात (Self-Styled Godman Ashok Kharat) को 26 मई तक प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) की हिरासत में भेज दिया है. यह कार्रवाई जबरन वसूली और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक बड़े मामले में की गई है. ईडी ने वित्तीय लेनदेन और पैसे के स्रोत (मनी ट्रेल) की गहरी जांच के लिए अदालत से सात दिनों की कस्टोडियल पूछताछ की मांग की थी. यह भी पढ़ें: 'भोंदू बाबा' अशोक खरात केस: NCP नेता रूपाली चाकणकर को ED का समन, मनी लॉन्ड्रिंग और यौन शोषण मामले में होगी पूछताछ
'भगवान शिव का अवतार' बनकर 5 करोड़ से अधिक की ठगी
ईडी के अनुसार, अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर एक शिकायतकर्ता से 5 करोड़ रुपये से अधिक की जबरन वसूली की. जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस पैसे का इस्तेमाल खरात ने अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल पर किया। उसने 5.62 करोड़ रुपये निजी संपत्तियों की खरीद और विदेशी दौरों पर खर्च किए.
जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उसने शिकायतकर्ता के फंड का इस्तेमाल कर अपने नाम पर एक मर्सिडीज-बेंज कार खरीदी और लोन पूरा चुकता होने के बाद कार पर कब्जा कर लिया. इसके अलावा, शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया गया और रियल एस्टेट निवेश के नाम पर उससे 2.5 करोड़ रुपये और ऐंठे गए.
60 बैंक खाते और 23 करोड़ से ज्यादा का नकद लेनदेन
सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने अदालत को सूचित किया कि खरात ने लगभग 60 बैंक खाते खोल रखे थे, जिनमें वह लाभार्थी (Beneficiary) और नॉमिनी दोनों था. जांच के दौरान इन खातों से 23.87 करोड़ रुपये की नकद निकासी का पता चला है.
ईडी ने अदालत में कहा, "हम इस बड़े नकद लेनदेन के स्रोत और पैसे के उपयोग की जांच करना चाहते हैं." जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों के जरिए खरात के नाम पर करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है. हर्षद नाम के एक अन्य व्यक्ति ने भी खरात पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: 'Captain' Ashok Kharat Video: रिटायर्ड नेवी अधिकारी अशोक खरात के खिलाफ नासिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिलाओं के Sexual एक्सप्लोइटेशन और ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार
अंधविश्वास का खेल और 17 एफआईआर दर्ज
अशोक खरात पर केवल वित्तीय धोखाधड़ी के ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर आपराधिक आरोप भी हैं. महाराष्ट्र के विशेष जांच दल (SIT) के अनुसार, खरात ने 'दिव्य शक्तियों' का झूठा दावा करके और पीड़ितों के परिवारों को जान से मारने की धमकी देकर उनका यौन शोषण किया.
जांच में सामने आया है कि वह ईशानेश्वर मंदिर परिसर में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर हाथ की सफाई (मैजिक ट्रिक्स) दिखाता था, ताकि लोगों में उसकी अलौकिक शक्तियों का झूठा विश्वास पैदा हो सके. वह रुद्राक्ष और कंकड़ जैसी चीजों का इस्तेमाल कर लोगों की धार्मिक भावनाओं से खेलता था और पैसे ऐंठता था.
महाराष्ट्र के नासिक और अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) जिलों में अशोक खरात के खिलाफ कुल 17 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई हैं. इन मामलों में यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी, अंधविश्वास विरोधी कानूनों का उल्लंघन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. ईडी और एसआईटी मामले की आगे की जांच कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2026 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

