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Republic Day 2026: दिल्ली के आसमान में परिंदों की 'चिकन पार्टी', जानें कैसे 1,275 किलो मांस गणतंत्र दिवस पर बर्ड स्ट्राइक को रोकेगा

गणतंत्र दिवस फ्लाईपास्ट के दौरान राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों को पक्षियों से टकराने (Bird Strike) से बचाने के लिए दिल्ली में एक अनोखा अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत पक्षियों को लुभाने के लिए 1,275 किलो बोनलेस चिकन खिलाया जा रहा है.

Republic Day 2026: दिल्ली के आसमान में परिंदों की 'चिकन पार्टी', जानें कैसे 1,275 किलो मांस गणतंत्र दिवस पर बर्ड स्ट्राइक को रोकेगा
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2026 (Republic Day) की परेड के दौरान आसमान में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) यानी आईएएफ (IAF) के लड़ाकू विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली वन विभाग (Delhi Forest Department) ने एक अनूठी पहल शुरू की है. फ्लाईपास्ट के दौरान पक्षियों के टकराने (Bird Strike) के खतरे को कम करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में पक्षियों को लगभग 1,275 किलोग्राम बोनलेस चिकन खिलाया जा रहा है.

यह अभियान 15 जनवरी से शुरू हो चुका है और 26 जनवरी तक जारी रहेगा. इसका मुख्य उद्देश्य चील और बाज जैसे शिकारी पक्षियों को ऊंचाई पर उड़ने के बजाय जमीन पर खाने के लालच में व्यस्त रखना है, ताकि विमानों का उड़ान मार्ग सुरक्षित रहे. यह भी पढ़ें: Republic Day 2026 Parade Tickets: गणतंत्र दिवस की परेड के लिए ऑनलाइन टिकट कैसे बुक करें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस और कीमत

विमानों के रास्ते से पक्षियों को हटाने की रणनीति

जब राफेल और सुखोई-30MKI जैसे सुपरसोनिक जेट विमान कर्तव्य पथ के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं, तो पक्षियों से टकराने का जोखिम सबसे अधिक होता है. एक छोटा पक्षी भी विमान के इंजन को फेल कर सकता है या विंडशील्ड को नुकसान पहुंचा सकता है.

इस खतरे को टालने के लिए, वन विभाग की टीमें दिल्ली के 20 रणनीतिक स्थानों पर चिकन के छोटे-छोटे टुकड़े (20-30 ग्राम) डाल रही हैं. इससे पक्षी ऊपर आसमान में उड़ने के बजाय जमीन के पास भोजन की तलाश में केंद्रित रहते हैं.

दिल्ली में बनाए गए विशेष 'फीडिंग जोन'

वायुसेना और दिल्ली पुलिस के समन्वय से उन इलाकों की पहचान की गई है जहां पक्षियों की आबादी सबसे अधिक है. इन 'हाई-रिस्क' जोन में शामिल हैं:

  • पुरानी दिल्ली: लाल किला और जामा मस्जिद के आसपास का क्षेत्र.
  • मध्य दिल्ली: दिल्ली गेट और मंडी हाउस.
  • अन्य क्षेत्र: वजीराबाद और मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट के आसपास के इलाके.

रोजाना औसतन 170 किलो मांस वितरित किया जा रहा है, जबकि 22 जनवरी (फुल ड्रेस रिहर्सल का दिन) को सबसे अधिक 255 किलो चिकन खिलाया जाएगा. यह भी पढ़ें: Republic Day Parade 2026: गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकटों की बुकिंग शुरू, जानें कीमतें और अन्य अहम जानकारी

इस बार 'चिकन' क्यों?

दशकों से चली आ रही इस परंपरा में इस साल एक बड़ा बदलाव किया गया है. पहली बार भैंस के मांस (बफेलो मीट) की जगह बोनलेस चिकन का उपयोग किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, चिकन के छोटे और एक समान टुकड़े करना आसान है, जो पक्षियों को जल्दी आकर्षित करते हैं. इस पूरे 'चिकन दावत' पर लगभग 4.5 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है.

बर्ड हिट का खतरा और सुरक्षा

सैन्य विमानन के लिए बर्ड हिट एक गंभीर गैर-युद्ध खतरा है. गणतंत्र दिवस पर विमान दर्शकों को दिखने के लिए सामान्य व्यावसायिक उड़ानों की तुलना में बहुत कम ऊंचाई पर उड़ते हैं. 12 दिनों तक लगातार एक ही समय और स्थान पर भोजन खिलाने से पक्षियों को इसकी आदत हो जाती है. परिणामस्वरुप, 26 जनवरी की सुबह तक ये पक्षी निर्धारित फीडिंग पॉइंट्स के पास ही रहते हैं और वायुसेना के हवाई प्रदर्शन के लिए रास्ता साफ रहता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2026 02:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).