नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की दक्षिण जिला साइबर सेल (South District Cyber Cell) ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह (Inter-State Gang) का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से दिल्ली के रानी बाग (Rani Bagh) इलाके में छापेमारी की गई, जहाँ से इस गिरोह के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (National Cyber Crime Reporting Portal) (NCRP) पर प्राप्त एक शिकायत के आधार पर की गई है. यह भी पढ़ें: Fake Job Racket Busted: कोलकाता में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़, इंडियन ऑयल में नौकरी का झांसा देकर 32 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार
पढ़े-लिखे आरोपी और गिरोह का नेटवर्क
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान हुगली (पश्चिम बंगाल) के नंद किशोर प्रसाद, औरंगाबाद (बिहार) के अहमद हयात खान और दिल्ली के शाहीन बाग के मुस्ताक खान के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक एमबीए (मार्केटिंग एंड सेल्स) डिग्री धारक है, जबकि दूसरा दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक है. जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड शादाब उर्फ मोहम्मद खुशनूद है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फंसाने के लिए लीड जेनरेट करता था.
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
यह गिरोह सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क करता था और उन्हें विदेश में आकर्षक नौकरी के अवसर दिखाता था. पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए ये फर्जी वेबसाइटों और जाली वीजा दस्तावेजों का सहारा लेते थे. एक बार विश्वास कायम होने के बाद, वे प्रत्येक व्यक्ति से 15,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये तक वसूलते थे और भुगतान मिलते ही बातचीत बंद कर देते थे.
भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद
इंस्पेक्टर हंसराज के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में डिजिटल और भौतिक साक्ष्य बरामद किए हैं। बरामद सामान में शामिल हैं:
- 6 स्मार्टफोन और 2 लैपटॉप
- 4 डेस्कटॉप कंप्यूटर
- 14 पासपोर्ट
- फर्जी वीजा दस्तावेज, जाली स्टैम्प और मुहरें
पुलिस की चेतावनी
दक्षिण जिला साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस अब जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि अन्य पीड़ितों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके. अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे विदेश में नौकरी के किसी भी प्रस्ताव पर आंख बंद करके भरोसा न करें और कोई भी वित्तीय लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच कर लें.













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