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Fake Job Racket Busted: कोलकाता में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़, इंडियन ऑयल में नौकरी का झांसा देकर 32 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ₹32 लाख की ठगी करने वाले एक जालसाज को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से अलग-अलग पतों के पांच आधार कार्ड बरामद हुए हैं.

Fake Job Racket Busted: कोलकाता में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़, इंडियन ऑयल में नौकरी का झांसा देकर 32 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस (Photo Credits: X/@KolkataPolice)

कोलकाता: कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने शहर में सक्रिय एक बड़े फर्जी नौकरी रैकेट (Fake Job Racket) का पर्दाफाश करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को केंद्र सरकार का बड़ा अधिकारी बताकर तीन युवाओं से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil Corporation) यानी आईओसी (IOC) में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 32 लाख रुपये की ठगी की. शनिवार को पुलिस ने बताया कि दक्षिण कोलकाता (South Kolkata) के पटुली थाना (Patuli Police Station) क्षेत्र से हुई इस गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. यह भी पढ़ें: मीरा-भायंदर: 'रॉयल स्काई थाई स्पा' में चल रहे देह व्यापार रैकेट का पर्दाफाश; 6 महिलाएं रेस्क्यू, 6 आरोपी गिरफ्तार (Watch Video)

खुद को बताता था केंद्रीय अधिकारी

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान कृष्णेंदु चटर्जी के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, कृष्णेंदु ने पटुली के एक बाजार में दो युवकों और एक युवती से मुलाकात की थी. उसने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह केंद्र सरकार का एक वरिष्ठ अधिकारी है और उसके संबंध सीधे केंद्रीय मंत्रियों से हैं. अपनी बात को सच साबित करने के लिए उसने पीड़ितों को फर्जी पहचान पत्र (ID Card) भी दिखाए.

गहने गिरवी रखकर जुटाए थे 32 लाख रुपए

नौकरी की चाहत में तीनों युवाओं ने अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की ज्वेलरी गिरवी रखकर मोटी रकम जुटाई थी. ठगे गए 32 लाख रुपये में से 22 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए, जबकि 10 लाख रुपये नकद दिए गए. पैसे मिलने के बाद आरोपी ने पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया और अपना फोन बंद कर लिया. इसके बाद पीड़ितों ने पटुली थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई.

5 आधार कार्ड और पते बदलने की साजिश

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कृष्णेंदु काफी शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाता था. वह लेक टाउन, बागुईआटी और पटुली जैसे विभिन्न इलाकों में किराए पर घर लेता था.

पुलिस की जांच जारी

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'आरोपी से पूछताछ की जा रही है. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने ये फर्जी आधार कार्ड कैसे बनवाए और क्या इस धोखाधड़ी में कोई और भी शामिल है.' पुलिस अब यह भी जांच रही है कि क्या उसने शहर के अन्य युवाओं को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है.

अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि सरकारी नौकरियों के लिए किसी भी बिचौलिए या अज्ञात व्यक्ति को पैसे न दें और आधिकारिक भर्ती वेबसाइटों पर ही भरोसा करें.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2026 01:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).