Post Office Schemes: पोस्ट ऑफिस की बचत योजना में नई कर व्यवस्था के तहत मिलती है बड़ी टैक्स छूट, यहां जाने डिटेल्स
Post Office tax saving Scheme

आम तौर पर, बचत खातों को टैक्स लाभ के लिए नहीं जाना जाता, लेकिन वे कुछ छूट जरूर प्रदान करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि, पोस्ट ऑफिस बचत खाता (POSA) बैंक के बचत खातों की तुलना में ज्यादा टैक्स छूट देता है. आइए जानें कैसे.

क्या आमतौर पर जाना जाता है?

धारा 80TTA के तहत, सामान्य करदाता अपनी बचत खाता आय पर 10,000 रुपय तक की टैक्स छूट ले सकते हैं. यह छूट बैंक या पोस्ट ऑफिस, दोनों के बचत खातों पर लागू होती है. हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत सभी बचत और टर्म डिपॉजिट खातों से 50,000 रुपय तक की आय पर टैक्स छूट मिलती है.

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क्या खास बात है जो आमतौर पर नहीं जानी जाती?

पोस्ट ऑफिस बचत खाता, धारा 10(15)(i) के तहत एक अतिरिक्त छूट प्रदान करता है. यह छूट 10,000 रुपय के लिमिट के अलावा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपय की लिमिट) मिलती है, और खास बात यह है कि यह छूट नई कर व्यवस्था के तहत भी उपलब्ध है.

रिपोर्ट के अनुसार, ‘पोस्ट ऑफिस बचत खाते से अर्जित ब्याज पर छूट धारा 10(15)(i) के तहत अभी भी उपलब्ध है.’ यह छूट इस प्रकार मिलती है:

  • एकल खातों के लिए: 3,500 रुपय तक की छूट.
  • संयुक्त खातों के लिए: 7,000 रुपय तक की छूट.

करदाता दोनों छूट, यानी धारा 10(15)(i) के तहत 3,500 रुपय या 7,000 रुपय और धारा 80TTA (10,000 रुपय) या धारा 80TTB (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपय) के तहत कटौती एक ही ब्याज आय पर ले सकते हैं.

क्या ये टैक्स बचत नई कर व्यवस्था में लागू हैं?

रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट ऑफिस बचत खाता पर धारा 10(15)(i) के तहत टैक्स छूट नई कर व्यवस्था में भी लागू है. हालांकि, धारा 80TTA और 80TTB के तहत की जाने वाली कटौती नई कर व्यवस्था में नहीं मिलती. लेकिन ये दोनों छूट और कटौती पुरानी कर व्यवस्था में मिलती हैं.

धारा 80TTA क्या है?

यह धारा व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) को बचत खातों से अर्जित कुल ब्याज आय पर 10,000 रुपय तक की टैक्स छूट देती है. यह छूट बैंक, सहकारी बैंक या पोस्ट ऑफिस के बचत खातों से अर्जित ब्याज पर मिलती है. यदि ब्याज 10,000 रुपय से अधिक हो जाता है, तो अतिरिक्त राशि पर टैक्स लगता है.

धारा 80TTB क्या है?

यह धारा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) को 50,000 रुपय तक की टैक्स छूट देती है, जो उन्होंने बैंक, सहकारी समितियों और पोस्ट ऑफिस के डिपॉजिट खातों से अर्जित की है. इसमें बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) और रिकरिंग डिपॉजिट (Recurring Deposits) शामिल हैं. इसलिए, वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTA के मुकाबले एक बड़ी टैक्स छूट मिलती है.