VIDEO: 'मोदी सरकार की मदद से भागा विजय माल्या, जेटली को थी उसके लंदन जाने की जानकारी'; AAP ने बीजेपी ने लगाए गंभीर आरोप

Vijay Mallya Breaks Silence After ‘9 Years’: भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को लेकर एक नया विवाद सामने आया है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया है कि माल्या को देश से भगाने में मोदी सरकार की भूमिका रही. AAP का दावा है कि विजय माल्या ने खुद कहा है कि उन्होंने देश छोड़ने से पहले तत्कालीन वित्त मंत्री स्व. अरुण जेटली को बताया था कि वह लंदन जा रहे हैं. वीडियो शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा, ''यह कोई भागना नहीं था, बल्कि एक लूट की प्लानिंग थी.''

साथ ही यह भी कहा गया कि माल्या जनता का ₹9000 करोड़ से ज्यादा लेकर देश से भाग गया और सरकार आंखें मूंदे बैठी रही. AAP के इस दावे ने सियासी हलकों में गर्मी बढ़ा दी है.

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मोदी सरकार की मदद से भागा विजय माल्या: AAP

मुझे कहा गया था एयरलाइंस मत घटाओ, बैंक मदद करेंगे: माल्या

विजय माल्या का प्रणब मुखर्जी पर गंभीर आरोप

माल्या ने ये बातें राज शमानी के पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहीं, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनकी एयरलाइंस की तबाही की शुरुआत सरकार की गलती से हुई. माल्या ने भारत के पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी पर बड़ा भी आरोप लगाया है. माल्या का कहना है कि उन्होंने 2008 की आर्थिक मंदी के दौरान किंगफिशर एयरलाइंस को छोटा करने की इजाजत मांगी थी, लेकिन उन्हें रोक दिया गया. उनसे कहा गया कि "बैंक मदद करेंगे, आप चलते रहिए." माल्या ने ये बातें राज शमानी के पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहीं, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनकी एयरलाइंस की तबाही की शुरुआत सरकार की गलती से हुई.

उन्होंने कहा, “मैं श्री प्रणब मुखर्जी के पास गया और कहा कि मुझे दिक्कत है. मैं किंगफिशर एयरलाइंस के जहाज कम करना चाहता हूं, स्टाफ घटाना चाहता हूं क्योंकि मैं इतने बड़े ऑपरेशन को आर्थिक संकट में नहीं चला सकता.”

बताया किंगफिशर एयरलाइन के पतन का कारण

माल्या के अनुसार, उन्हें ऐसा करने से साफ मना कर दिया गया. कहा गया कि एयरलाइन को बंद या छोटा मत करो, बैंक आपकी मदद करेंगे. यहीं से सारी मुसीबतें शुरू हुईं. माल्या ने 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी को भी किंगफिशर के पतन का मुख्य कारण बताया. उन्होंने कहा, "आपने लेहमन ब्रदर्स का नाम सुना है? जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी, तब भारत भी अछूता नहीं रहा. पूंजी की कमी, रुपये की गिरावट और हर सेक्टर पर असर पड़ा."

उन्होंने बताया कि किंगफिशर शुरू में एक लग्जरी एयरलाइन के तौर पर खूब चली, लेकिन सरकार की सख्ती की वजह से वह कंपनी को वक्त रहते छोटा नहीं कर पाए और नुकसान बढ़ता चला गया.

बैंकों ने कभी पूरा बकाया नहीं बताया: माल्या

अपने ऊपर लगे "घोटाले" के आरोपों पर सफाई देते हुए माल्या ने दावा किया कि उन्होंने बैंकों को चार बार सेटलमेंट ऑफर दिए, लेकिन उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बैंकों ने कभी उन्हें पूरा बकाया नहीं बताया, जबकि वह 15 बार लिखकर मांग कर चुके हैं.

माल्या ने संसद में वित्त मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें कुल 14,131 करोड़ रुपए के कर्ज की जानकारी वहीं से मिली. हालांकि मीडिया में 9,000 करोड़ की बात होती है, जबकि असल आंकड़ा 6,200 करोड़ रुपए का है – ऐसा दावा वह डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल के सर्टिफिकेट के आधार पर कर रहे हैं.

मुझे 'चोर' क्यों कह रहे हो?: माल्या

“मुझे 'फरार' कहिए, ठीक है. मैंने 2016 में भारत छोड़ा लेकिन वह दौरा पहले से तय था. लेकिन 'चोर' क्यों कह रहे हो? क्या चोर ने कभी पैसे लौटाए हैं?” माल्या ने यह कहकर अपनी छवि सुधारने की कोशिश की.

बता दें कि माल्या अब भी यूनाइटेड किंगडम में हैं और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट में भी दावा किया है कि उनका कर्ज "कई बार वसूल" किया जा चुका है.